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गर्मी के मौसम में नर्सरियों पर बढ़ गई इस तरह की सीजनल पौधों की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 17 Apr 2018 01:16 PM IST
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गर्मी का मौसम आते ही नर्सरियों में बहार आ गई है। नर्सरियों में तरह-तरह के पौधों के साथ-साथ शो प्लांट भी उपलब्ध हैं। गर्मी में शीतलता प्रदान करने वाले पौधों की मांग बढ़ गई है। घर की आबोहवा को शुद्ध करने के लिए प्रदूषण कम करने वाले पौधे लगाए जा रहे हैं। कुछ खास तरह की पौधों की मांग ज्यादा है।। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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इन दिनों जीनिया, कोंस्मोस, पाचूलाका, कोचिया, कैलैडियम, सूरजमुखी, डहलिया, लिली और गेंदा के पौधों की डिमांड बढ़ गई है। ये आसानी से उगते ही नहीं हैं, ज्यादा देखभाल भी नहीं चाहते। जीनिया तीन किस्मों में मिलता है, बड़े, छोटे और कम अगेन किस्म में। कागज जैसे रंगीन-फूल पेड़ पर कभी सूखते नहीं, बस रंग बदलते है।
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वहीं कोंस्मोस अप्रैल से बरसात तक ढेर सारे पीले फूल देता है। इसी महीने लगाए जाने वाले सूरजमुखी, बड़ा सूरजमुखी गोभी के फूल से भी बड़ा होता है और छोटा सूरजमुखी पीले फूल देता है। लिली व कोचिया भी अप्रैल-मई वाले पौधे हैं। इसके बल्ब मार्च-अप्रैल में रोपे जाते है, निरंतर पानी देने और गमले में नमी रखने से ही इसमें पतझड़ तक फूल आने लगते हैं।
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कोचिया घने गुच्छे जैसा पौधा गर्मियों में आंखों को ठंडक पहुंचाता है। बगिया में जब रंगों की कमी होती है, उस वक्त कैलेडियम फूल अपने पूरे मोहक अंदाज में होते हैं। कमल जैसी पत्तियों पर सफेद, गुलाबी, लाल धब्बे बहुत सुंदर लगते हैं।
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औषधीय गुणों वाले पौधों को लोग अपने गार्डन में भी लगा रहे हैं। जिनके यहां गार्डन नहीं है, वे अपने घरों में गमलों में लगा रहे हैं। संसार नर्सरी के संतोष मौर्या ने बताया कि घरों में तुलसी के पौधे को लोग पुराने जमाने से लगाते आ रहे हैं।