आज भारत में सूर्य ग्रहण लग गया है। इसके साथ ही वाराणसी में आज सूर्य ग्रहण लगा है। लोगों ने आज घर से ग्रहण देखा। आज सुबह 9.16 बजे से सूर्य ग्रहण लगा। हालांकि, भारत में ये सुबह 10 बजे के बाद ही दिखाई दिया। ये साल का पहला और आखिरी सूर्य ग्रहण है।
तीन तरह के होते हैं सूर्य ग्रहण
1. पूर्ण सूर्य ग्रहण- जब चंद्रमा पृथ्वी के बहुत करीब रहते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को अपनी छाया में ले लेता है। इससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाती है। इस खगोलीय घटना को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
2. वलयाकार सूर्य ग्रहण- इस स्थिति में चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में तो आता है लेकिन दोनों के बीच काफी दूरी होती है। चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को नहीं ढक पाता है और सूर्य की बाहरी परत ही चमकती है। जो कि वलय यानी रिंग के रूप में दिखाई देती है। इसे ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं।
3. खंडग्रास सूर्य ग्रहण- इस खगोलीय घटना में चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में इस तरह आता है कि सूर्य का थोड़ा सा ही हिस्सा अपनी छाया से ढंक पाता है। इस दौरान पृथ्वी से सूर्य का ज्यादातर हिस्सा दिखाई देता है। इसे खंडग्रास सूर्य ग्रहण कहते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
खगोलीय घटना है ग्रहण
विज्ञान के अनुसार, सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा घूमते-घूमते सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है तो सूर्य की चमकती रोशनी चंद्रमा के कारण दिखाई नहीं पड़ती। चंद्रमा के कारण सूर्य पूरी तरह या आंशिक रूप से ढकने लगता है और इसी को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।