जम्मू-कश्मीर के कोल्ड फ्रंट के कारण गलन ने पूर्वांचल में दस्तक दी है। गुरुवार की रात आठ बजे के बाद से शुरू हुई बरसात शुक्रवार को दोपहर बाद तक रुक-रुक कर होती रही। बादलों की आवाजाही के कारण दिन भर भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हो सके। वहीं लोग घरों, दुकानों और कार्यालयों में ही दुबके रहे। सुबह ठंडी हवाओं के साथ गलन होने से अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
अधिकतम तापमान 18.5 और न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री दर्ज किया। वहीं सुबह 10 बजे तक लगभग 18 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक बरसात और बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। बरसात के बाद 15 दिसंबर से कोहरे का प्रकोप भी शुरू हो जाएगा।
मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि अभी दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। बनारस और आसपास के जिलों में बारिश के साथ ही तापमान में और भी कमी आएगी। यह जम्मू कश्मीर में आए पश्चिमी विक्षोभ का ही असर है। इस वजह से एक साइक्लोनिक सिस्टम बना है। पुरवा और पछुआ दोनों हवाएं चल रही हैं। इस वजह से शनिवार तक बनारस समेत आसपास के जिलों में बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर बारिश की संभावना हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और कमी आएगी।
बढ़ेगा स्ट्रोक का खतरा, हृदय रोगी रहें सतर्क
पछुआ हवाएं और बारिश से ठंड और भी बढ़ जाएगी। ऐसे में चिकित्सकों ने स्वास्थ्य के प्रति लोगों को आगाह किया है। आयुर्वेद महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव के बाद बरसात से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बीएचयू के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमशंकर ने बताया कि बारिश के साथ ठंड बढ़ने से हृदय रोगियों को परेशानी हो सकती है।
इससे सांस लेने में तकलीफ के साथ ही सीने में दर्द, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाएगा। मंडलीय अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. आरके शर्मा का कहना है कि बारिश के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार आएगा, लेकिन इसके बाद ठंड बढ़ेगी। वायरल फीवर के मरीज बढ़ेंगे।