मौसम में गुरुवार देर शाम हुए अचानक बदलाव से ठंड बढ़ गई। गरज-चमक के साथ शाम से शुरू बारिश देर रात तक होती रही। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के मुताबिक, अभी दो दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। बनारस और आसपास के जिलों में बारिश के साथ ही तापमान में भी कमी के आसार है। सुबह कोहरा छाया रहा।
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर अब दिखने लगा है। जहां मौसम विभाग ने यूपी के विभिन्न जिलों में दो दिन तक बारिश की संभावना जताई है। बनारस और आसपास के जिलों में बुधवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला। गुरुवार को सुबह धूप खिली, लेकिन असरदार नहीं रही। दिनभर पछुआ हवाएं चलती रहीं। दिन चढ़ने के साथ ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई और रात करीब आठ बजे गरज-चमक के साथ ही बारिश शुरू हो गई।
बुधवार को अधिकतम 24.0 और न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बृहस्पतिवार को 23.5 डिग्री और न्यूनतम 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के अनुसार, जम्मू कश्मीर में आए पश्चिमी विक्षोभ का ही असर है। इस वजह से एक साइक्लोनिक सिस्टम भी बना है। पुरवा और पछुआ दोनों हवाएं चल रही हैं। इस वजह से शनिवार तक बनारस समेत आसपास के जिलों में बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर बारिश की संभावना हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और कमी आएगी।
जरा सी लापरवाही, सेहत पर पड़ सकती है भारी
एक तो पछुआ हवाएं, दूसरे बारिश। इस वजह से ठंड और भी बढ़ जाएगी। ऐसे समय में आपकी जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। तापमान में उतार-चढ़ाव, बारिश की वजह से मौसमी बीमारियां होने का खतरा अधिक है। सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही सांस और हृदय रोगियों के लिए मौसम का यह बदलाव घातक होगा। चिकित्सकों के मुताबिक लोगों को सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है।
बढ़ेंगी मौसमी बीमारियां, सावधानी जरूरी
दीनदयाल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पीके सिंह ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव और अब बारिश से मौसमी बीमारियां बढ़ने की संभावना अधिक है, लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे अधिक परेशानी सांस के मरीजों को होगी। इसके अलावा खांसी, बुखार, सर्दी, जुकाम होने की संभावना अधिक रहती है।