{"_id":"5aa6325a4f1c1bc0078b4c62","slug":"pm-modi-and-french-president-nouka-vihar-in-kashi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"PM मोदी-मैक्रों करेंगे नौका विहार, हर घाट पर दिख रहा अलग रंग, अद्भुत है नजारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PM मोदी-मैक्रों करेंगे नौका विहार, हर घाट पर दिख रहा अलग रंग, अद्भुत है नजारा
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:32 PM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिथि देवो भव: परंपरा का पालन करने वाली काशी अपनी वैभवशाली सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत के साथ गंगा घाटों पर सत्कार उत्सव की साक्षी बनने जा रही है। घाटों पर बने महलों से लेकर सीढ़ियां तक और गंगा की लहरों समेत रेती भी अतिथियों के इस आगमन पर सज गई है। पीएम और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष आज गंगा में नौका विहार करेंगे। इसके मद्देनजर काशी हर घाट पर अलग उत्साह का अलग ही रंग दिख रहा है। अद्भुत नजारा दिख रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
अस्सी घाट वैदिक संस्कृति की अगुवाई करेगा
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुएल मैक्रों अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक बजड़े पर नौकाविहार करेंगे। तुलसी-कबीर के साहित्य की छाप अलंकरण बने हैं तो वैदिक संस्कृति के साथ बौद्ध-जैन अध्यात्म इसका आकर्षण होगा। हर घाट महादेव की नगरी की विरासत का आइना बनेगा और गंगा की लहरों के साथ अगवानी का सफर पग-पग चलेगा।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सत्कार में धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी की छाप देखने को मिलेगी। बारी-बारी हर घाट पर स्वागत का अनूठा रंग देखने को मिलेगा और गंगा की लहरों की तरह यह आगे की ओर बढ़ती जाएगी। स्वागत समारोह के साथ काशी की कला-संस्कृति का दर्शन भी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्सी घाट वैदिक संस्कृति की अगुवाई करेगा
- फोटो : अमर उजाला
इस नयनाभिराम उत्सव के लिए फूलों-पताकाओं से सज रहा अस्सी घाट वैदिक संस्कृति की अगुवाई करेगा। बरगद के पेड़ पर महादेव के डमरू की कई प्रतिकृति यहां लगाई गई है। घाट पर तिलक-पुष्प वर्षा के साथ शहनाई वादन होगा। यहीं नाटी इमली के विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप की पालकी रखी गई है, जो काशी की सांस्कृतिक धरोहर का नेतृत्व करेगी।
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
अमर कवि तुलसीदास ने जिस घाट पर कभी रामचरित मानस की रचना की थी, उसी तुलसी घाट पर रामलीला का मंचन होगा। सुंदर कांड का पाठ होगा। तुलसी घाट को रामायण के मंच की तरह सजाया जा रहा है। यहां अखाड़ों पर मर्दानियां जोर-आजमाइश करती दिखेंगी।