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12 जुलाई से चार महीने तक नहीं गूंजेगी शहनाई, करना होगा इन वस्तुओं का त्याग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Tue, 09 Jul 2019 01:27 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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आषाढ़ का महीना लगभग खत्म होने वाला है। इसके साथ ही महादेव का महीना सावन शुरू हो जाएगा। इसी क्रम में 12 जुलाई से अगले चार महीनों तक शहनाई नहीं गूंजेगी। मांगलिक कार्यों के साथ ही अगले चार महीनों तक कई चीजों का त्याग भी करना पड़ेगा। जानिए किन-किन चीजों का त्याग करने से घर में सुख समृद्धि आएगी। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
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आषाढ़ शुक्ल एकादशी से भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन के लिए चले जाएंगे। इसके साथ ही चार माह तक सभी शुभ कार्य नहीं होंगे। 12 जुलाई से पद्म एकादशी के साथ ही चार महीने तक शहनाई नहीं गूंजेगी। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के शयन पर जाने के बाद महादेव संपूर्ण सृष्टि का लालन-पालन करते हैं। चार महीने तक सनातन धर्मी व्रत, उपवास और विविध उपायों से भगवान विष्णु की सेवा करते हैं।
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बीएचयू के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार पद्म एकादशी के दिन उपवास करके सोना, चांदी, तांबा या पीतल की मूर्ति बनवाकर श्रद्धा पूर्वक पूजन करें। पीतांबर से सजाकर सफेद चादर से ढंके हुए गद्दे तकीये वाले पलंग पर प्रभु को शयन कराएं। चार महीनों के लिए अपनी रुचि अथवा अभीष्ट के अनुसार नित्य व्यवहार के पदार्थों का त्याग और ग्रहण करें। मधुर स्वर के लिए गुड़ का, दीर्घायु अथवा पुत्र-पौत्रादि की प्राप्ति के लिए तेल का, शत्रु नाशादि के लिए सरसों के तेल का, सौभाग्य के लिए मीठे तेल का, स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोग का त्याग करें।
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ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि देह शुद्धि या सुंदरता के लिए परिमित प्रमाण के पंचगव्य का, वंश वृद्धि के लिए नियमित दूध का, कुरुक्षेत्रादि के समान फल मिलने के लिए पात्र में भोजन करने के बदले पात्र का और सर्वपापक्षय पूर्वक सकल पुण्य के लिए एकभुक्त, नक्तव्रत, अयाचित भोजन या सर्वथा उपवास का व्रत ग्रहण करें। यदि इन चार महीनों में दूसरे के दिए हुए भक्ष्य, भोज्यादि सभी पदार्थों के भक्षण करने का त्याग रखें और उपर्युक्त चार व्रतों में से किसी का पालन करने से शुभ होता है।
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देवशयन के चातुर्मासीय व्रतों के दौरान पलंग पर सोना, भार्या का संग करना, मिथ्या बोलना, मांस, शहद, दूसरे के दिए हुए दही-भात आदि का भोजन और मूली, पटल व बैंगन आदि शाकपत्र खाना त्याग देना चाहिये।
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