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यूपी में कमांडर ढेर: झारखंड में वारदात, बंगाल में आर्थिक साम्राज्य, महाराष्ट्र में शरण; इस एप पर करता ये काम

Mon, 21 Sep 2026 02:55 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 21 Sep 2026 02:55 PM IST
सार

यूपी में पहली बार मुठभेड़ में 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर मारा गया है। यूपी एटीएस और नक्सली कमांडर के बीच वाराणसी के रामनगर लंका मैदान के पास मुठभेड़ हुई है। नक्सली का साथी भाग निकला।प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के मुखिया बृजेश गंझू का नेटवर्क तीन राज्यों में फैला है। नक्सली कमांडर झारखंड में वारदात को अंजाम देता था फिर महाराष्ट्र भागकर जाता और वहीं शरण लेता था। आर्थिक साम्राज्य पश्चित बंगाल में खड़ा किया था। 

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Naxal commander Brijesh Ganjhu carried out attacks in Jharkhand, was expanding his financial empire in Bengal
up encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुठभेड़ में मारा गया बृजेश गंझू जांगी एप के जरिये संगठन का संचालन कर रहा था। परिजनों के संपर्क में भी वह था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जांगी एक सुरक्षित और निजी मेसेजिंग एप है। यह टेक्स्ट मेसेज भेजने और वीडियो, वॉयस कॉल करने की सुविधा देता है। 


अपनी उच्च गोपनीयता और सर्वर पर डेटा स्टोर न करने की तकनीक के कारण यह एप चर्चा में है। अब बृजेश के मोबाइल की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
Naxal commander Brijesh Ganjhu carried out attacks in Jharkhand, was expanding his financial empire in Bengal
बृजेश गंझू की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एटीएस के मुताबिक, जांगी एप से की गई बातचीत और डेटा किसी केंद्रीय सर्वर पर सेव नहीं होता है। सारा डेटा केवल उपयोगकर्ता के अपने मोबाइल डिवाइस पर ही सुरक्षित रहता है। पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर या सिम कार्ड की आवश्यकता नहीं होती है। 

 
Naxal commander Brijesh Ganjhu carried out attacks in Jharkhand, was expanding his financial empire in Bengal
रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
यह 10 अंकों का एक अद्वितीय जांगी नंबर देता है। चैट और कॉलिंग पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है। कोई तीसरा व्यक्ति इसे पढ़ भी नहीं सकता। यह धीमे इंटरनेट नेटवर्क पर भी एचडी गुणवत्ता में वॉयस और वीडियो कॉल की सुविधा देता है। यही कारण रहा कि जांच एजेंसियां बृजेश गंझू को ट्रेस नहीं कर पा रही थीं।
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Naxal commander Brijesh Ganjhu carried out attacks in Jharkhand, was expanding his financial empire in Bengal
रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
नक्सली कमांडर झारखंड में करता वारदात, बंगाल में बढ़ा रहा था आर्थिक साम्राज्य, महाराष्ट्र में लेता रहा शरण
प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के मुखिया बृजेश गंझू का नेटवर्क तीन राज्यों में फैला है। जांच एजेंसी के मुताबिक नक्सली कमांडर झारखंड में वारदात को अंजाम देता था फिर महाराष्ट्र भागकर जाता और वहीं शरण लेता था। आर्थिक साम्राज्य पश्चित बंगाल में खड़ा किया था। कोयला, बीड़ी के पत्ते और रियल इस्टेट में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश की जानकारी मिली है।
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Naxal commander Brijesh Ganjhu carried out attacks in Jharkhand, was expanding his financial empire in Bengal
रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
जांच जारी है। अब उसके संगठन के नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों की जांच की जा रही है। मुठभेड़ में बचकर भागे उसके साथी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। उसके पकड़े जाने के बाद कुछ और कड़ियां खुलकर सामने आएंगी। बृजेश ने जघन्य वारदात और लेवी वसूली से उसने अकूत दौलत जुटाई थी। वह साल भर से महाराष्ट्र में रह रहा था।
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