वाराणसी में शारदीय नवरात्र पर श्रद्धा और उल्लास नजर आ रहा है। पंडालों में कहीं धुनुची की सुगंध बिखर रही है तो कहीं ढाक की गूंज पर माता की आराधना हो रही है। कोरोना संक्रमण के कारण पंडालों की भव्यता तो नजर नहीं आ रही है, लेकिन काशीवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
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भारत सेवाश्रम संध सिगरा में मां दुर्गा का दर्शन करती महिलाएं।
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कहीं प्रतिमा के दर्शन हो रहे हैं तो कहीं कलश स्थापित किए गए हैं। रात की बजाय दिन में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा नजर आई। शुक्रवार को शारदीय नवरात्र की सप्तमी शाम से ही शनिवार सुबह अष्टमी पर पूजा पंडालों में भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।
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न्यू डी लाइट क्लब में प्रतिमा को पहनाई पीपीई किट।
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वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित न्यू डी लाइट क्लब में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें वे कोरोना का वध करती दिखाई दे रही हैं। वहीं, लोगों को कोरोना से बचाने के उपाय के तहत पीपीई किट में प्रतिमा लगाई गई है।
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श्रीदुर्गा पूजा समिति मिनी स्टेडियम शिवपुर में संधि पूजा में शामिल श्रद्धालु।
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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोग माता के दर्शन कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का भी आम जनता पर असर नजर आ रहा है। लोग झुंड में जाने की बजाय इक्का-दुक्का की संख्या में ही पंडालों में पहुंच रहे हैं। बंगाली समुदाय की ओर से स्थापित पंडालों की छटा तो अलग ही नजर आ रही है।
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सिगरा स्थित अशोक नगर में दुर्गा पूजा पंडाल में खुशी से नाचते बच्चे।
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पूजा पंडालों में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं
प्रशासन की ओर से पूजा समितियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया है। पूजा समितियों ने इस पर सहमति भी जताई थी लेकिन शहर में कुछ पूजा समिति ऐसी भी हैं जिनकी सहमति केवल प्रशासनिक कागजों पर ही नजर आ रही हैं। कई पूजा पंडालों में न तो सैनिटाइजर रखा गया था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए वालंटियर का इंतजाम। वहीं बिना मास्क के लोगों को भी पूजा पंडाल में दर्शन के लिए आने-जाने दिया जा रहा था।