मिर्जापुर वेब सीरीज का दूसरा भाग आ गया है। इस भाग में भी पहले भाग की तरह, खून-खराबा, गालियां, लाशें और गोलीबारी दिखाई गई है। मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का एक जिला है। उसी जिले के नाम पर इस वेब सीरीज का नाम रखा गया है और वहीं की कहानी दिखाई गई है। क्या सच में मिर्जापुर ऐसा ही है, जैसा कि इस सीरीज में दिखाया गया है। देखें अगली स्लाइड्स में जानिए...
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मां विंध्यवासिनी की पूजा।
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मिर्जापुर (विंध्याचल) धाम भारत में हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यहां गंगा नदी बहकर आगे निकलती है। विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी के दरबार में हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। यहां प्राकृतिक सुंदरता भी बहुत है। पर्यटन के हिसाब से भी काफी महत्वपूर्ण है। वाराणसी से मिर्जापुर करीब 70 किमी दूर है। बनारस आने वाले ज्यादातर पर्यटक चुनार किला, विंध्याचल जरूर आते हैं।
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चुनार का किला
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इसके अलावा सीताकुंड, लाल भैरव मंदिर, मोती तालाब, टांडा जलप्रपात, विल्डमफॉल झरना, तारकेश्वर महादेव, महा त्रिकोण, शिवपुर, गुरुद्वारा गुरु दा बाघ और रामेश्वर, देवरहा बाबा आश्रम आदि यहां प्रसिद्ध है। भारत का अंतर्राष्ट्रीय मानक समय भी मिर्जापुर जिले के अमरावती चौराहा के स्थान से लिया गया है। मिर्जापुर लालस्टोन के लिए बहुत मशहूर है।
मिर्जापुर की सांसद और अपना दल एस. की राष्ट्रीय अध्यक्ष इस वेब सीरीज के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि यह वेब सीरीज मिर्जापुर जिले की छवि को लोगों के बीच गलत तरीके से पेश कर रही है। इससे वेब सीरीज के निर्माता-निर्देशकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सांसद अनुप्रिया पटेल ने ट्वीट करते हुए मिर्जापुर-2 के खिलाफ जांच की मांग की है। अपने ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग किया है।
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घंटा घर।
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उन्होंने ट्वीट किया है कि पीएम और सीएम के नेतृत्व में मिर्जापुर विकासरत है। यह समरसता का केंद्र है। मिर्जापुर नामक वेब सीरीज के जरिए इसे हिंसक इलाका बताकर बदनाम किया जा रहा है। इस सीरीज के माध्यम से जातीय वैमनस्य भी फैलाया जा रहा है। मिर्जापुर जिले की सांसद होने के नाते इन्होंने मांग की है कि इसकी जांच होनी चाहिए और इसके खिलाफ कार्रवाई हो।