भाई-बहन के प्यार के त्योहार रक्षाबंधन पर इस वर्ष चंद्रग्रहण का साया मंडरा रहा है। यही नहीं रक्षाबंधन पर इस बार कई विलक्षण संयोग एक साथ पड़ रहे हैं। आगे की स्लाइड में जानिये इस बार रक्षाबंधन क्यूं है खास...
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चौक स्थित बाजार में राखी की दूकान पर खरीददारी करती महिला।
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भाई-बहन के प्यार का प्रतीक ये त्योहार इस बार जहां सावन के आखिरी सोमवार को पड़ेगा। वहीं इस बार रक्षाबंधन के दिन रात 10.53 से 12.48 तक चंद्रग्रहण का साया भी रहेगा। चंद्रग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक भी लग जाएगा। सूतक में भी कई लोग शुभ कार्य को सही नहीं मानते हैं।
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इसके अलावा सात अगस्त को सावनी पूर्णिमा है। सावन के आखिरी सोमवार को ही इस बार भाई बहन के प्यार के प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार को मनाया जाएगा। आजमगढ़ के अछरीधाम के पुजारी गिरजा शंकर पाठक ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन के लिए सर्वार्थ, अमृत और सिद्ध योग एक साथ पड़ रहे हैं।
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ज्ञानपुर नगर में भाइयों को राखी बांधतीं बहनें।
उन्होंने बताया कि इस योग का बड़ा महत्व होता है। इस दिन अभिषेक कर ब्राह्मण से रक्षासूत्र अवश्य बंधवाना चाहिए। दान पुण्य करना चाहिए। इसे श्रावणी उपक्रम भी कहते हैं। इसी दिन रात में चंद्रग्रहण भी पड़ेगा। जो रात के 10.53 से 12.48 तक रहेगा। कई वर्षों के बाद रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण पड़ रहा है।
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चंद्रग्रहण भारत के साथ अन्य देशों में भी दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण अफ्रीका महाद्वीप से शुरू होगा और आस्ट्रेलिया में इसका मोक्ष होगा। चंद्रग्रहण लगने से नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है। अर्थात दोपहर 01.53 से ही सूतक लग जाएगा जो रात के 12.48 तक रहेगा। सूतक के दौरान कुछ लोग शुभ कार्य करना सही नहीं मानते हैं।