15 साल पहले सूनी कोख लेकर स्नान किया, अब बेटे-बेटियों के साथ डुबकी लगाकर महादेव का जयघोष किया। काशीखंड का पता भले ही न हो, लेकिन गांव वालों से सुनकर और रील में देखकर यहां आ गए। सॉफ्टवेयर इंजीनियर, शिक्षक और स्वर्णकार को लोलार्क स्नान के बाद ही बेटे-बेटियां हुईं। पहली डुबकी लगाई तो बेटी पैदा हुई, दोबारा लगाने पर बेटा मिला, अब मुंडन कराने भी पहुंचे।
लोलार्क: 15 साल पहले सूनी कोख लेकर स्नान, अब बेटे-बेटियों के साथ लगाई डुबकी; औरंगाबाद के मैनेजर रील देखकर आए
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Aman Vishwakarma
Updated Fri, 18 Sep 2026 06:11 AM IST
सार
लोलार्क कुंड पर संतान की कामना लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था के कई अनुभव सामने आए। कुछ दंपती 15 साल पहले सूनी गोद लेकर स्नान करने आए थे, अब बेटे-बेटियों के साथ पहुंचे। सॉफ्टवेयर इंजीनियर, शिक्षक और स्वर्णकार परिवारों ने भी मनोकामना पूरी होने की बात कही। दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। कई ने दोबारा आकर मुंडन कराया।
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