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काशी के इस कुंड में नहाने से पूरी होती संतान प्राप्ति की कामना, लाखों ने लगाई डुबकी

Sat, 15 Sep 2018 12:07 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sat, 15 Sep 2018 12:07 PM IST
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Lolark kund snan today people bath for children
lolark kund - फोटो : अमर उजाला
संतान प्राप्ति की कामना को लेकर शनिवार को काशी के भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में पति-पत्नी ने स्नान किया। लोलार्क कुंड में स्नान करने के लिए रेला उमड़ा। कुंड के पास लंबी लाइन लगी रही। बता दें कि स्नान को लेकर शुक्रवार की शाम से ही महिला पुरुषों की लंबी कतार लग गई थी। सोनारपुरा से लेकर डुमराव बाग तक लाइन लग गई थी। इससे वहां मेले जैसा माहौल हो गया था। भादो माह के षष्ठी तिथि को होने वाले इस लोलार्क कुंड में स्नान के दौरान सुरक्षा को लेकर कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...




 
Lolark kund snan today people bath for children
lolark kund - फोटो : amar ujala
वैसे तो काशी तीर्थनगरी की हर नदी, कुंड, तालाब को ही जलतीर्थ की मान्यता मिली हुई है। इसी में से एक लोलार्क कुंड भी है। जहां नि:संतान दंपती आस्था और विश्वास की डुबकी लगाते हैं। भादो माह की षष्ठी तिथि को इसी मान्यता के साथ स्नान करने पहुंचते हैं। काशी के कई परिवारों के लोग तो अपने यहां के नव प्रवेशी बहू को भी इसमें स्नान करने के लिए भेजा जाता है। आस्था की यह मान्यता 18वीं सदी की है जब पश्चिम बंगाल के कूच विहार स्टेट के नरेश को इस कुंड के स्नान से चर्मरोग सही हो गया था। इससे इस कुंड का महत्व और भी बढ़ गया है। 

 
Lolark kund snan today people bath for children
lolark kund - फोटो : amar ujala
वैज्ञानिक मान्यता के आधार पर काशी के भदैनी मोहल्ले में स्थित लोलार्क कुंड की बनावट कुछ इस तांत्रिक विधि से की गई है कि भादो की षष्ठी तिथि को सूर्य की किरणें इस कुंड की जगह पर अत्यंत प्रभावी बन जाती है। साथ ही इस दिन स्नान के बाद फल खरीदकर उसमें सूई चुभोईं जाती है जिसे सूर्य की रश्मि का प्रतीक भी माना जाता है। 

 
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Lolark kund snan today people bath for children
lolark kund - फोटो : amar ujala
लोलार्क कुंड को सूर्य का कुंड माना गया है। मान्यता के अनुसार सूर्य के रथ का पहिया भी कभी यहीं गिरा था जो कुंड के रूप में विख्यात हुआ। कलांतर में यह लोकमान्यता हो गया कि जिसको संतान की उत्पत्ति न हो वह सपत्नीक इस कुंड में स्नान कर लेता है तो उसको संतान का लाभ मिलता है। 

 
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Lolark kund snan today people bath for children
lolark kund - फोटो : amar ujala
रविंद्रपुरी स्थित संत कीनाराम बाबा आश्रम में भी इस तिथि को पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है। शनिवार को भोर से ही होने वाले स्नान को लेकर शुक्रवार से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई थी। दूर दराज के गांव से लोग यहां स्नान दर्शन पूजन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। 
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