चुनाव प्रचार के आखिरी दिन देश के सभी बड़े नेताओं ने खुद की जीत को पुख्ता करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। वहीं, प्रत्याशियों के साथ ही स्टार प्रचारक भी तपती धूप में पार्टी की जीत की जुगत लगाते रहे। आजमगढ़ के रण में हाथ आजमाने के बाद भाजपा के स्टार प्रचारक दिनेश लाल यादव उर्फ 'निरहुआ' शुक्रवार को बलिया के सलेमपुर की सीट पर प्रचार करने पहुंचे थे। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
भीमपुरा के रामकरन इंटर कॉलेज के मैदान में प्रत्याशी रविन्द्र कुशवाहा के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए 'निरहुआ' ने कहा कि मेरे सपने में मुलायम सिंह यादव आये थे। उन्होंने कहा कि तुम्हारा अखिलेश के खिलाफ चुनाव लड़ना सही है। वो मेरी बात ही नहीं सुनता। मेरे लाख मना करने के बाद भी गठबंधन कर लिया। 'निरहुआ' ने कहा कि 23 मई को देश सभी मोदी विरोधियों को जवाब दे देगा।
'निरहुआ' ने कहा कि गठबंधन वाले चुनाव हार चुके हैं। बस 23 मई का इंतजार कीजिए। अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वो अपने पिता की कुर्सी और सीट दोनों ही छीन चुके हैं। 'निरहुआ' ने लोगों से अपील की कि मोदी जी की वजह से आज देश हर क्षेत्र में विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। भोजपुरी में भाषण देते हुए कहा कि आप कहीं भी किसी भी भाषा में लेखनी करें लेकिन बातचीत भोजपुरी में ही करें। एक दिन अपनी भी मातृ भाषा का दिन आएगा। 'निरहुआ' ने कहा कि चुनाव में ममता दीदी और अखिलेश भैया हार चुके हैं। इसलिए बौखलाहट में कुछ भी बोल देते हैं।
मंच पर आते ही 'निरहुआ' ने सभी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। अपने फिल्मी गुरु बेल्थरारोड के प्रधान संघ के अध्यक्ष आलोक सिंह को ही राजनीतिक गुरु बताया। कहा कि राजनीति में भी इनके जरिए ही मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन्होंने आजमगढ़ में पूरे एक माह रहकर मेरे चुनाव में भरपूर सहयोग करते हुए मार्ग दर्शन किया।
'निरहुआ' के मंच पर आते ही मंच खचाखच भर गया। मंच को असंतुलित देखते हुए संचालनकर्ता लोगों को मंच खाली करने की अपील करने लगे। यही नहीं, न सुनने पर मंच से हाथ पकड़कर भी लोगों को उतारना पड़ा। वहीं नेता भी 'निरहुआ' के साथ सेल्फी लेने को बेताब दिखे। यहां तक की हेलीपैड तक लोग सेल्फी के लिए दौड़ लगाते रहे।