{"_id":"59633b7b4f1c1ba9768b4ab2","slug":"know-the-facts-of-kashi-vishwnath-temple-and-sawan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सावन मेलाः काशी में उमड़ता है बाबा भक्तों का रेला, जानिए क्या है पौराणिक महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन मेलाः काशी में उमड़ता है बाबा भक्तों का रेला, जानिए क्या है पौराणिक महत्व
Mon, 20 Aug 2018 04:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 20 Aug 2018 04:57 PM IST
विज्ञापन
1 of 7
kashi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
देवों के देव महादेव के पूजन का खास माह श्रावण आज से शुरू हो गया। हिंदू धर्म में सावन का महीना काफी पवित्र माना जाता है। पूरे भारत में हर शिव मंदिर में सावन भर देवाधिदेव का पूजन-वंदन, अभिषेक, आराधना की जाती है लेकिन काशी में इसका महत्व सर्वाधिक है। आगे की स्लाइड्स में जानिए श्रावण मास और काशी का पौराणिक महत्व...
2 of 7
amarujala
- फोटो : amarujala
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे बढ़िया माना जाता है। ऐसे में महादेव की नगरी कही जाने वाली काशी में भक्तों का आना शुरू हो गया है। देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि विदेशों तक से इस माह में श्रद्धालु यहां बाबा के दरबार में उन्हें जल अर्पण करने आते है।
3 of 7
kashi
- फोटो : अमर उजाला
कहते हैं काशी तीनों लोकों में न्यारी नगरी है, जो भगवान शिव के त्रिशूल पर विराजती है। मान्यता है कि जिस जगह ज्योतिर्लिग स्थापित है वह जगह लोप नहीं होती और जस का तस बना रहती है। कहा जाता है कि जो श्रद्धालु इस नगरी में आकर भगवान शिव का पूजन और दर्शन करता है उसको समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
kanwar
- फोटो : अमर उजाला
धर्म शास्त्रों में उल्लेखित है कि काशी ही एक मात्र ऐसी भू-स्थली है जहां द्वादश ज्योर्तिलिंगों में बाबा सदैव वास करते हैं। इसलिए यह बाबा की सबसे प्यारी नगरी कही जाती है। धर्म शास्त्र में वैसे द्वादश् ज्योर्तिलिंग है लेकिन जो मुख्य ज्योर्तिलिंग है वो काशी में बाबा विश्वनाथ है।
विज्ञापन
5 of 7
kashi
- फोटो : अमर उजाला
काशी के धर्माचार्य कहते हैं कि 'कास्ते प्रकासते याता' काशी जो स्वयं में प्रकाशित है वो शिव के द्वारा प्रकाशित है। वैसे तो शिव, सावन और सोमवार किसी खास शहर में सिमटकर नहीं रहते बल्कि देश-दुनिया में अपनी छटा बिखेरते हैं, उनका महत्व है लेकिन, सावन में काशी की छटा देखते ही बनती है। यहां श्रावण मास में न केवल शिव मंदिर वरन देवी मंदिरों का भी खास श्रृंगार किया जाता है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।