ना भूतो ना भविष्यति की तर्ज पर बाबा विश्वनाथ धाम का लोकार्पण देश के लिए नए युग का सूत्रपात करेगा। आदि विश्वेश्वर का राजराजेश्वर स्वरूप में भव्य पूजन होगा, वहीं देश की संपूर्ण सनातन परंपराओं की धाराओं का महामिलन ऐतिहासिक क्षण होगा। शैव, शाक्त और वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री को संकल्प दिलाएंगे।
श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण समारोह में देश की संपूर्ण सांस्कृतिक परंपरा और धारा का समावेश होगा। त्रिशूल पर बसी शिव की नगरी काशी में यह पहला मौका होगा, जब पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण के संतों का महामिलन होगा। देश भर के महामंडलेश्वर, महंत, श्रीमहंत और संयासी बाबा के धाम के लोकार्पण समारोह के होंगे। देश भर की नदियों व तीर्थों का जल लेकर सभी संत-महंत काशी आएंगे और इसी जल से बाबा का अभिषेक किया जाएगा।
इस खास आयोजन में समस्त ज्योतिर्लिंगों, बड़े देवालयों, पीठों व अखाड़ों के संत-महंतों को आमंत्रित किया जा रहा है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण समारोह इतिहास का पहला अवसर होगा, जहां सनातन धर्म की सभी धाराएं एक साथ मौजूद होंगी।
बाबा के धाम से देश को राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया जाएगा। कुंभ में भी सनातन धर्म की सभी धाराएं एकत्र नहीं होती हैं लेकिन बाबा के धाम के लोकार्पण समारोह में सनातन धर्म के सभी संप्रदाय, परंपरा और मार्ग के अनुयायी मौजूद रहेंगे। दक्षिण की परंपरा के वीरशैव और लिंगायत भी इसके साक्षी बनेंगे।
काशी विद्वत परिषद के निर्देशन में होंगे संपूर्ण आयोजन
श्रीरामजन्मभूमि की तरह ही श्री काशी विद्वत परिषद के निर्देशन में संपूर्ण अनुष्ठान को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। काशी के कर्मकांडी ब्राह्मण ही संपूर्ण अनुष्ठान को संपन्न कराएंगे। लोकार्पण समारोह का प्रसारण देश भर के समस्त देवालयों, तीर्थों व सार्वजनिक स्थलों पर किया जाएगा।
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काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी ताकि देश भर के सनातन धर्मावलंबी खास आयोजन के साक्षी बन सकें। काशी में हर घर तक 14 से 16 दिसंबर के बीच बाबा का प्रसाद और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम विकास से संबंधित पुस्तिका भी पहुंचाई जाएगी।
गणेश अथर्वशीर्ष और शिवसूक्त के बीच पीएम करेंगे लोकार्पण
श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण समारोह रवियोग और महासिद्धियोग के संयोग में संपन्न होगा। गणेश अथर्वशीर्ष और शिवसूक्त के पाठ के बीच पीएम मोदी धाम का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही बाबा दरबार से गंगधार तक 5,27,730 वर्ग फीट तक का क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा।