देव दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी और प्रयागराज को 72.64 किमी हाईवे की सौगात देंगे। इसी के साथ एशियन हाईवे नंबर वन का हिस्सा काशी-प्रयागराज हाईवे बन जाएगा। एशियाई देशों को जोड़ने वाला एएच वन के 72.64 किमी फोर से सिक्स लेन के निर्माण कार्य का लोकार्पण पीएम रिमोट दबाकर करेंगे। इसके निर्माण से कई देशों की सड़क कनेक्टिविटी को रफ्तार मिलेगी।
एशियन हाईवे नंबर वन का हिस्सा बना काशी-प्रयागराज हाईवे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करेंगे लोकार्पण
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इस सड़क के सिक्स लेन होने से काशी से प्रयागराज की दूरी डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जाएगी। इस दूरी को तय करने में पहले जहां 3:30 से 4 घंटे लगते थे। अब आधी हो जाएगी। पहले जहां इस दूरी को तय करने में पांच प्रमुख बाजारों को पार करने में घंटों लगते थे। अब बाजार के ऊपर बने फ्लाईओवर से वाहन निकल जाएंगे।
यह सड़क एशियन हाईवे नंबर वन का हिस्सा है। कई देशों को जोड़ने वाले इस हाईवे से दिल्ली कोलकाता हाईवे जुड़ा है, जो स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का हिस्सा है। काशी से प्रयागराज की दूरी डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जाएगी।
एके राय परियोजना प्रबंधक एनएचएआई
एशिया हाईवे वन का जाल
एशियाई राजमार्ग (एएच1) एशिया का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। यह राजमार्ग 20557 किलोमीटर लंबाई (12774 मील) का है, जो टोक्यो जापान से शुरू होकर कोरिया, चीन, हांगकांग, पूर्व एशिया, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, तुर्की और बुल्गारिया तक जाता है, जो इस्तांबुल में यूरोपीय ई 80 मार्ग से जुड़ जाता है।
भारत में एएच वन का नेटवर्क
भारत में यह म्यांमार के रास्ते से उतर-पूर्व के मोरेह से प्रवेश करता है। वहां से इंफाल, कोहिमा, दिमापुर, डोबोका, नागांव, जोरबात, शिलांग, दाऊकी से बांग्लादेश जाता है। वहां से फिर भारत के पूर्व और उत्तर के क्षेत्र पेट्रोपॉल आता है। वहां से बारसात, कोलकाता हवाई अड्डा, दनकुनी, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, बरही, काशी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, दिल्ली, सोनीपत, अंबाला, जालंधर, अमृतसर, अटारी से पाकिस्तान के बाघा बॉर्डर में प्रवेश कर जाता है।