कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली पर आज वाराणसी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की तैयारियां रविवार को पूरी हो गईं। आज लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं का रेला दिखा। देखें अगली स्लाइड्स...।
कार्तिक पूर्णिमा: श्रद्धालुओं की गंगा किनारे उमड़ी भीड़, पर्यटकों के न होने से फूल बेचने वालों को नुकसान
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देव दीपावली के दिन आज पीएम मोदी भी बनारस आ रहे हैं। वह आज देव दिवाली की भव्यता को देखेंगे। नौकायन कर गंगा के घाटों की खूबसूरती को निहारेंगे। साथ ही लेजर शो भी देखेंगे। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर गंगा स्नान अति फलदायी माना जाता है। कई श्रद्धालु कार्तिक महीने भर गंगा स्नान के अनुष्ठान का इस दिन डुबकी लगाकर समापन करते हैं। सुरक्षा के लिए जल पुलिस तैनात की गई है।
कार्तिक पूर्णिमा के महापर्व पर काशी में घाटों पर फूल-माला और पूजन सामग्री बेचने वाले अपनी दुकान सजाकर बैठे रहे। गंगा नदी की लहरों के बीच नाव हिलोरे ले रही हैं, लेकिन उसमें पर्यटक नहीं हैं। जिस तरफ नजर उठाइए, आम श्रद्धालुओं से ज्यादा कंधे पर बंदूक टांगे खाकी वर्दीधारी ज्यादा नजर आ रहे हैं। फूल व पूजन सामग्री बेचने वाले एक शख्स ने कहा कि पिछले साल आज के दिन 3 हजार रुपये की कमाई हुई थी। लेकिन इस बार 300 निकाल कमा पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। उन्होंने इसके पीछे पीएम मोदी का आगमन और कोरोना का संक्रमण बताया जा रहा है।
भक्तों ने देर शाम तक मंदिर को सजाया संवारा है। इसके साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में स्थापित प्रमुख मंदिरों में देव दीपावली के मौके पर घी के दीपक जलाए जाएंगे। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कोरोना पर भारी आस्था
इसी बीच लोगों में कोरोना का डर दिखाई नहीं दिया। कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था कोरोना पर भारी पड़ी। लोगों ने बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए गंगा में डुबकी लगाई। साथ ही गंगा मैया से कोरोना को खत्म करने की प्रार्थना की।