यूपी के जौनपुर के सिरकोनी के कचंगाव अंडरपास के पास पिता और दो पुत्रों की हत्या से सनसनी फैल गई। पिता लालजी और भाई गुड्डू और यादवीर की मौत की सूचना पर बहन सपना घर पहुंची तो विलाप करते हुए बेहोश होकर गिर गई। गांव की महिलाओं ने उसे किसी तरह संभाला। बस्ती के आधे से ज्यादा लोग पोस्टमार्टम हाउस चले गए थे। सपना के रोने व चीखने की आवाज से मौजूद सबकी आंखें नम हो गईं। सपना यही बार-बार कह रही थी कि आखिर क्यों किसी ने मेरे पिता और भाई को मार डाला।
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आरोपी पलटूराम और उसका दामाद नागमणि।
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार को संभालने के लिए रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। गांव के लोगों ने बताया कि इस समय लालजी और दोनों बेटे लगातार व्यवसाय में सफल हो रहे थे। अचानक हुई इस वारदात से पूरे गांव में मातम है। सुरक्षा के तहत लालजी के घर पर दो उप निरीक्षक और चार हेड कांस्टेबल तैनात रहे।
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लालजी, यादवीर और गड्डू की फाइल फोटो।
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आपको बता दें कि इमलो क्षेत्र के महमदपुर कांध गांव निवासी लालजी वेल्डिंग व जेसीबी बनाने का काम कई वर्षों से कर रहे थे। पिता के इस काम में उनके दोनों बेटे गुड्डू (33) व यादवीर (25) हाथ बंटाते थे। गुड्डू के साले देवेंद्र अफसोस कर रहे थे कि काश, वह बहन की बात मानकर रात में ही कारखाने चले गए होते तो शायद उनके बहनोई गुड्डू जिंदा होते।
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तिहरे हत्याकांड की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी।
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कारखाने में जल निगम का होता है काम
घटनास्थल से करीब 10 किमी दूर खरौरा गांव निवासी देवेंद्र ने बताया कि कुछ वर्ष पहले ही लालजी ने नेवादा अंडरपास के समीप लालजी भइया इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिकल्स के नाम से कारखाना खोला था। कारखाने में जल निगम की पाइपों पर चूड़ी पेरने का काम होता है। काम खत्म होने के बाद तीनों में से कोई न कोई रात में घर जरूर जाता था। कोई यहां पर सामान की रखवाली के लिए रुक जाता था।
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घटना के बाद घर पर गमगीन परिवार।
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रविवार को अचानक क्या हुआ कि तीनों में से कोई रात में घर नहीं गया। ये बात बहन सरिता को सताने लगी। सोचा काम ज्यादा होगा, इसलिए कोई घर नहीं लौटा। रात 12 बजे के बाद भी कोई घर नहीं आया तो उसे चिंता हुई। उसने मोबाइल पर फोन लगाना चाहा लेकिन फोन नहीं उठा।