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काशी में एक ओर धधकीं चिताएं, दूसरी ओर हुई चिता भस्म की अनूठी होली, देखें तस्वीरें

Wed, 28 Feb 2018 10:52 AM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Wed, 28 Feb 2018 10:52 AM IST
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Holi is played with cremation ashes in Varanasi
holi with ashes - फोटो : अमर उजाला
बरसाने की मशहूर लट्ठमार होली या फिर मिथिला की कीचड़ की होली के चर्चे तो आपने खूब सुने होंगे लेकिन धधकती चिताओं के बीच महाश्मशान पर होली खेलने का अड़भंगी अंदाज कहीं नहीं देखा होगा। ऐसा सिर्फ काशी में ही होता है। यहां के लोग महादेव से होली खेलते हैं। भस्म भी ऐसा-वैसा नहीं, महाश्मशान में जलने वाले इंसानों के राख से तैयार भस्म होता है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...


 
Holi is played with cremation ashes in Varanasi
holi with ashes - फोटो : अमर उजाला


भगवान शिव की नगरी काशी में मंगलवार को होली का अलग ही रंग दिखा। मणिकर्णिका महाश्मशान पर मंगलवार की दोपहर होली का अद्भुत नजारा लोगों के लिए यादगार बन गया। एक तरफ चिताएं धधकती रहीं तो दूसरी ओर बुझी चिताओं की भस्म से जमकर साधु-संत और भक्त होली खेलने में रमे रहे। ढोल, मजीरे और डमरुओं की थाप के बीच भक्तगण जमकर झूमे और हर हर महादेव के उद्घोष से महाश्मशान गूंजता रहा।

 
Holi is played with cremation ashes in Varanasi
holi with ashes - फोटो : अमर उजाला
होरी खेलें मसाने में... के बोल पर होरी गूंजी तो लोग थिरकने से खुद को नहीं रोक सके। दुनिया के कई देशों के पर्यटक भी चिता की भस्म से होली खेलने के उन क्षणों के साक्षी बने। गौरा का गौना कराने के दूसरे दिन सोमवार को मणिकर्णिका श्मशान पर होली देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर 12 बजे मशानेश्वर महादेव की भोग आरती हुई। इसके बाद सैकड़ों भक्त डमरू, त्रिशूल के साथ चिताओं की भस्म उड़ाकर होली खेलने लगे।

 
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Holi is played with cremation ashes in Varanasi
holi with ashes - फोटो : अमर उजाला

रंगभरी एकादशी को बाबा विश्वनाथ का गौना होता है। बाबा की चांदी की पालकी निकलने के साथ ही काशी में होली की धूम मच जाती है। दूसरे दिन चिता-भस्म की होली खेली जाती है। मान्यता है कि गौना कराने के दूसरे दिन बाबा विश्वनाथ ने महाश्मशान पर अपने गणों के साथ होली खेली थी। उसी परंपरा का निर्वाह करते हैं काशी के लोग। इसमें घुलते अबीर-गुलाल ने राग विराग को एकाकार करते हुए जीवन दर्शन के रंग को चटख किया।  

 
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Holi is played with cremation ashes in Varanasi
holi with ashes - फोटो : अमर उजाला
ठंडी चिताओं की भस्म के साथ भभूत उड़ाई जाने लगी। साथ में कुछ युवक अबीर और गुलाल की भी बौछार घाटों से करने लगे। श्मशान पर अंतिम संस्कार के लिए शवों को लेकर गमगीन लोग भी घाट पर पहुंचते रहे। कहीं चिताएं लगती रहीं तो कहीं मुखाग्नि दी जाती रही। इसके बीच बाबा के गणों के रूप में गंजी, गमछा लपेटे युवाओं की होली तमाम विदेशी पर्यटकों के लिए भी यादगार बनी। लोग उन क्षणों को कैमरे में कैद करने के लिए आसपास की छतों, मुंडेरों पर जमे रहे।
 
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