बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज की चित्रकूट जिला जेल में गैंगवार में हत्या कर दी गई। साथ ही मेराज के साथ बैरक में रहने वाले मुकीम काला की भी हत्या हो गई। वाराणसी में मुख्तार अंसारी के गैंग को लीड करने वाले मेराज ने तीन अक्तूबर को वाराणसी के जैतपुरा थाने की सरैयां चौकी में जाकर समर्पण किया था। पांच सितंबर 2019 को गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेन निवासी और पहड़िया क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाले मेराज के खिलाफ जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मेराज पर आरोप था कि उसने फर्जीवाड़ा कर अपनी पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया था। इसके बाद जैतपुरा और कैंट थाने में मेराज के खिलाफ चार अन्य मुकदमे भी दर्ज किए गए। इस बीच पुलिस ने मेराज के भाई व यूपी पुलिस के सिपाही सेराज और भांजे कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर परवेज को गिरफ्तार किया। पुलिस मेराज के घर कुर्की की उद्घोषणा की नोटिस चस्पा कर उसे तलाश रही थी, तब तक उसने खुद ही समर्पण कर दिया। देखें अगली स्लाइड्स...।
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मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
इसी साल चित्रकूट जेल में हुआ था शिफ्ट, चार अन्य कैदी भी भेज गए दूसरी जेल
वाराणसी जिला जेल में बंद पांच बंदियों को 20 मार्च 2021 को प्रदेश की अन्य जिलों में शिफ्ट किया गया था। यह पांचों बंदी जिला जेल में ही निरुद्ध रह कर अपने आपराधिक नेटवर्क का विस्तार कर करीबियों के निरंतर संपर्क में थे। लगातार मिल रही इन बंदियों की शिकायतों के आधार पर प्रदेश सरकार ने इन्हें अन्यत्र जेलों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया था। इन बंदियों में शामिल मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज को चित्रकूट जेल में शिफ्ट किया गया था।
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चित्रकूट जेल।
- फोटो : amar ujala
लंका थाने के हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव को कासगंज जेल में शिफ्ट किया गया। अशोक हाल के दिनों में जिला जेल से हत्या के एक प्रकरण के गवाहों को फोन कर धमकाने के आरोप में सुर्खियों में आया था। बिल्डर बलवंत सिंह की हत्या के आरोपी पंकज चौबे को उन्नाव जेल में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा प्रयागराज निवासी आशीष उर्फ आशू और भदोही जिले के औराई निवासी रोशन सिंह को सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया।
भाई मेराज के खिलाफ दर्ज हैं दो दर्जन से अधिक मुकदमे
मेराज का यूं तो लोग मुख्तार अंसारी से जोड़ कर लेते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब भाई मेराज बनारस, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर समेत आसपास के जिलों में जरायम जगत में बड़ी पहचान बन गया था। 15 जून 2006 को भाई मेराज घर में छापा पड़ा था। तब कैंट और जैतपुरा समेत अन्य थानों की फोर्स ने मेराज के घर से 450 ग्राम हेरोइन बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। वक्ति मेराज अहमद ने खुद को निर्दोष बताया था और राजनीतिक साजिश के तहत पुलिस प्रशासन पर फर्जी ढंग से फंसाने का आरोप लगाया था।
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मुख्तार अंसारी, भाई मेराज।
- फोटो : अमर उजाला।
बाद में इस मामले में न्यायालय ने मिराज को क्लीन चिट दे दी थी। जेल से छुटने के बाद भाई मेराज का नाम मुख्तार अंसारी से जुड़ गया और मुख्तार अंसारी के अपराधिक गतिविधियों को निराज पूर्वांचल में बैलेंस करने लगा। इस दौरान मिराज के खिलाफ वाराणसी समेत आसपास के जिलों में दो दर्जन से ज्यादे आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए।