{"_id":"5b9e209e867a557ec4198b1b","slug":"gang-war-could-be-after-rais-banarasi-murder","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कुख्यात रईस बनारसी की हत्या के बाद वाराणसी में बढ़ी गैंगवार की आशंका, पुलिस ने बताया यह कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुख्यात रईस बनारसी की हत्या के बाद वाराणसी में बढ़ी गैंगवार की आशंका, पुलिस ने बताया यह कारण
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 17 Sep 2018 10:32 PM IST
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rais banarasi
- फोटो : amar ujala
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रंगदारी, लूट और हत्या के लिए कुख्यात रहे इनामी बदमाश रईस बनारसी की हत्या के साथ ही जरायम जगत से जुड़े कई राज भी दफन हो गए। रईस के शरणदाताओं, राजनीतिक आकाओं, करीबियों और उसकी बेनामी संपत्तियों की तह तक अब पुलिस कभी नही पहुंच पाएगी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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पुलिस अब आशंकित है कि रईस के गिरोह का सरगना बनने के लिए उसके गुर्गों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में गैंगवार न शुरू हो जाए। इसे लेकर उसके गुर्गों की गतिविधियों की निगहबानी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से की जा रही है।
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दशाश्वमेध थाना अंतर्गत पातालेश्वर मुहल्ले में शुक्रवार की शाम राकेश अग्रहरि की हत्या करने के लिए रईस बनारसी अपने एक गुर्गे के साथ गया था। नौ एमएम की पिस्टल से हुई क्रास फायरिंग में राकेश और रईस दोनों मारे गए।
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पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि जमीन की पंचायत के विवाद के साथ ही दालमंडी के एक बिल्डर से रंगदारी की रकम वसूलने को लेकर रईस और राकेश के बीच अदावत चल रही थी। राकेश बिल्डर के पक्ष में था, जबकि रईस उससे रंगदारी वसूलना चाहता था।
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इसके अलावा रईस अपने करीबी और शरणदाता प्रभु साहनी की हत्या में राकेश की भूमिका को संदिग्ध मानता था। प्रभु साहनी की हत्या से दशाश्वमेध, चौक, लक्सा और कोतवाली थाना क्षेत्र में रईस के रसूख को तगड़ी चुनौती मिली थी।