चेतावनी बिंदु पार करने के बाद खतरे के निशान की ओर बढ़ी गंगा के रौद्र रूप को लेकर लोग सकते में आ गए हैं। मारुति नगर में गंगा सड़क पर बहने लगी। जबकि, मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावें चलने लगीं। यहां अंतिम संस्कार के लिए शवों को नावों से श्मशान घाट तक पहुंचाया जाता रहा। सामनेघाट, वरुणापार, बेटावर इलाके में भी गंगा अब सड़क पर बहने लगी हैं। वरुणापार इलाके में लोग सुरक्षित ठिकाना ढूंढने लगे हैं। 80 घाटों को डुबोने के बाद गंगा का रुख अब बस्तियों की ओर हो गया है। वहीं, बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से और गाजीपुर में चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रहा है।
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Flood In Varanasi
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की दोपहर एक बजे गंगा चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर को पार कर गई। बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 57.615 मीटर से ऊपर 58.32 मीटर पर बह रहा हैं। गाजीपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 62.105 मीटर के ऊपर 62.70 मीटर पर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह आठ बजे बनारस में गंगा का जलस्तर 70.13 मीटर था और हर घंटे चार सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा था। दोपहर में एक बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर को पार करके 70.28 मीटर पर पहुंच गया था।
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- फोटो : अमर उजाला
जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी जारी थी। दो बजे के बाद जलस्तर में आधे सेंटीमीटर की कमी आई और ढाई सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पानी बढ़ने लगा। तीन बजे जलस्तर 70.33 मीटर पहुंच गया था। शाम को चार बजे के बाद गंगा के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव शुरू हो गया और शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 70.43 मीटर दर्ज किया। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 83 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ। अस्सी से राजघाट के बीच के सभी 80 घाट पानी में डूब चुके हैं और गलियों तक पानी पहुंच गया है।
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- फोटो : उज्जवल गुप्ता
नाव से शव ले जाने का 300 रुपये किराया
मणिकर्णिका घाट पर शवदाह करने आए यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घाट पर शवों की कतार गली तक लगी हुई है। नाव से शव को बारी-बारी से घाट की छत पर पर शवदाह के लिए ले जाया जा रहा है। गली से अंत्येष्टि स्थल तक शव ले जाने के लिए यात्रियों से 200 से 300 रुपए लिए जा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
रिश्तेदारों के यहां ली शरण
सारनाथ संवाद प्रतिनिधि ऋषिकांत के अनुसार गंगा में जल स्तर बढ़ने से वरुणा नदी के पानी में भी काफी बढ़ाव हुआ है। इस कारण रसूलगढ़, पुरानापुल, भट्टा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के घरों में पानी घुस गया। अधिकांश लोगों ने अपने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी है तो कुछ लोग किराये के मकान में रह रहे हैं। वहीं रसूलगढ़ के लोग सलारपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में ठहरे हुए हैं।