उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक महिला की गला दबा कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस वारदात को शहर के एक होटल में अंजाम दिया गया था। पुलिस ने जगतगंज स्थित होटल डे विला इन में ठहरी शिल्पा की हत्या की गुत्थी काफी हद तक सीसी कैमरे की फुटेज ने सुलझा दी थी। वहीं, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शिल्पा की सहकर्मी हेमलता और उसके तथाकथित पति नसीम को प्रयागराज के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को जब हत्या करने की वजह बताई तो पुलिस चौंक गई। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
वाराणसी के जगतगंज स्थित होटल डे विला इन के कमरा नंबर 102 में केएस इवेंट्स फर्म की शिल्पा की हत्या में नामजद शिल्पा की सहकर्मी हेमलता और उसके तथाकथित पति नसीम को चेतगंज पुलिस प्रयागराज स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। उधर, मंगलवार को शिल्पा का पति अमित नई दिल्ली से शहर पहुंचा। पोस्टमार्टम के बाद शिल्पा का शव पुलिस ने अमित के सुपुर्द कर दिया। अमित ने पुलिस को बताया कि वो एक होटल में काम करता है और दोनों का विवाह बीते साल नवंबर में हुआ था। वारदात की वजह के साथ ही अमित ने शिल्पा की सहकर्मी हेमलता और नसीम के बारे में किसी प्रकार की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई।
हरियाणा के सोनीपत के थाना सदर के तिहाड़ खुर्द की मूल निवासी और नई दिल्ली के रोहिणी स्थित अपार्टमेंट में रहने वाली शिल्पा इवेंट मैनेजमेंट फर्म केएस इवेंट्स की ओर से आठ मई को शहर आई थी। उसे 14 मई को होटल रेडिसन और 15 मई को बाबतपुर एयरपोर्ट के समीप एक लॉन में इवेंट में शामिल होना था। शिल्पा और हेमलता ने साथी कर्मचारी पंकज की मदद से होटल डे विला इन में कमरा नंबर 102 लिया।
11 मई को हेमलता के तथाकथित पति नसीम ने होटल में कमरा लिया। 13 मई की सुबह नसीम और हेमलता ने दुपट्टे से शिल्पा का हाथ-पैर बांधने के बाद गला दबा कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों 6:15 बजे के लगभग होटल छोड़ कर चले गए थे। होटल के सीसी कैमरे में शिल्पा के कमरे में आखिरी बार 5:30 बजे नसीम और हेमलता को जाते देखा गया था। इसे लेकर होटल मैनेजर मो. अरशद की तहरीर पर पश्चिमी दिल्ली निवासी हेमलता और नसीम के खिलाफ चेतगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
चेतगंज पुलिस तफ्तीश में जुटी तो होटल के सीसी कैमरे की फुटेज से पता लगा कि दोनों ओला कैब से निकले हैं। ओला कैब के रजिस्ट्रेशन नंबर से ड्राइवर के पास चेतगंज पुलिस पहुंची तो उसने बताया कि दोनों को बाबतपुर एयरपोर्ट छोड़ा था। एयरपोर्ट पर नई दिल्ली की कोई फ्लाइट न मिलने पर दोनों टैक्सी लेकर प्रयागराज चले गए थे। ओला कैब और फिर टैक्सी से प्रयागराज तक ले जाने वाले चालक की मदद से पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।