जो काम पुलिस का है वो काम एक पिता कर रहा है। पुलिस का काम है पीड़ित को न्याय दिलाना, लेकिन वाराणसी के टैगोर टाउन की डॉ. रीना सिंह के पिता बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए काफी जद्दोजहद कर रहे हैं। उधर, आरोपी पति डॉ. आलोक सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराने के लिए कैंट पुलिस अदालत की शरण में जाएगी। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
डॉ. रीना के पिता को है चिंता, बेटी को इंसाफ मिलेगा या नहीं!
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पुलिस के अनुसार डॉ. रीना की मौत के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए डॉ. आलोक को बार-बार सूचना भेजवाने के बाद भी वह संपर्क नहीं कर रहे हैं। इसलिए गैर जमानती वारंट जारी कराने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है। उधर, घटना के नौ दिन बाद भी पुलिस की तफ्तीश की गति धीमी देख डॉ. रीना के पिता रंगनाथ सिंह इस बात के लिए चिंतित हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं।
बीती दो जुलाई को डॉ. रीना सिंह की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। प्रकरण को लेकर उनके पति डॉ. आलोक व सास-ससुर के खिलाफ कैंट थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद से ही डॉ. आलोक टैगोर टाउन स्थित घर छोड़ कर अपनी दोनों बच्चियों के साथ गायब हैं। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि डॉ. आलोक को बयान दर्ज कराने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए के तहत नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी कराया जाएगा।
डॉ. रीना की मौत का क्राइम सीन रिक्रिएट करने लखनऊ एफएसएल की जो टीम आएगी, उसके साथ मेडिकोलीगल एक्सपर्ट भी रहेंगे। सीओ कैंट डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि घटना के नाट्य रूपांतरण के दौरान इस बात की भी तस्दीक कराई जाएगी कि यदि कोई छत से डॉ. रीना को धक्का देता तो उनके शरीर में कहां-कैसी चोट लगती या फिर यदि वह खुद कूदी हैं तो कहां-कैसे चोट लगती। उधर, डॉ. रीना के सुसाइड नोट का सत्यापन एक्सपर्ट गुरुवार को भी नहीं कर सके।
सबसे गुहार लगा ली, पुलिस निष्पक्ष होकर करे कार्रवाई :
डॉ. रीना के पिता रंगनाथ सिंह ने कहा कि हमने एसएसपी, आईजी रेंज और एडीजी जोन सभी को घटना से संबंधित सारे तथ्यों से अवगत करा दिया है। इसके साथ ही साक्ष्य भी उपलब्ध करा दिया है। अब पुलिस को कार्रवाई करनी है। अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस पारदर्शिता से कार्रवाई करेगी तो आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। अगर पुलिस का ढुलमुल रवैया बरकरार रहेगा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रकरण से अवगत करा कर न्याय की गुहार लगाएंगे। अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए हम अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।