नाथों के नाथ 13 दिनों की बीमारी के बाद मनफेर के लिए सपरिवार काशी की गलियों में डोली पर सवार होकर निकले। भगवान जगन्नाथ की डोली को कांधे पर उठाने के लिए भक्तों में होड़ सी मच गई। अस्सी से रथयात्रा तक की हर गली जय-जय जगन्नाथ के साथ हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठी।
PHOTOS: भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा 13 मोहल्लों से गुजरी, सवा लाख श्रद्धालु उमड़े; गुंजे जय-जय जगन्नाथ
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 06 Jul 2024 06:13 PM IST
सार
Rath Yatra Mela 2024: भगवान जगन्नाथ के मंदिर के कपाट आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा पर शनिवार को भोर में पांच बजे खुले। सुबह 5:30 बजे मंगला आरती, स्तुति व भजन किया गया। आठ बजे भगवान को दूध का नैवेद्य और 10 बजे महाप्रसाद नैवेद्य अर्पित किया गया।
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