फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Dev Deepawali 2022: मोक्ष की नगरी में देवताओं का महापर्व, जानिए काशी की देव दीपावली का पौराणिक महत्व

Mon, 07 Nov 2022 02:43 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 07 Nov 2022 02:43 PM IST
विज्ञापन
Dev Deepawali 2022 varanasi  great festival of gods in city of salvation  know significance Dev Diwali
देव दीपावली (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

तीनों लोक से न्यारी काशी की धरा पर आज देव दीपावली की शाम इंद्रधनुषी छटा निखरेगी। गंगा का अर्धचंद्राकार किनारा दैवीय आभा से दमक उठेगा। सुरसरि के घाटों पर ओर से छोर तक दीपों का तारामंडल इठलाएगा तो पूनम का चांद भी शरमा जाएगा। गंगा घाटों पर दीपों का अद्भुत जगमग प्रकाश 'देवलोक' जैसे वातावरण की ही सृष्टि करता है। आज शाम होने वाले इस महा आयोजन के लिए काशी में रेला उमड़ा हुआ है। देव दीपावली पर गंगा के घाटों की न सिर्फ छटा अलौकिक होगी बल्कि अलग-अलग स्थानों पर विविध कार्यक्रम आकर्षण के केंद्र रहेंगे।



भव्य और दिव्य काशी की देव दीपावली इस बार नव्य स्वरूप में देवताओं के साथ ही काशी वासियों के लिए भी अनोखी होगी। इस बार काशी के घाट, कुंड और सरोवरों पर 21 लाख दीपों की रोशनी की आभा दीप मालिकाओं का स्वर्णिम संसार रचेगी। बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि देव दीपावली काशी में ही क्यों मनाई जाती है तो आइये इस बात से पर्दा उठाते हैं। 

Dev Deepawali 2022 varanasi  great festival of gods in city of salvation  know significance Dev Diwali
देव दीपावली पर काशी विश्वनाथ धाम में सजावट - फोटो : अमर उजाला

पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के कुछ दिन पहले देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु 4 महीने की निद्रा के बाद जागते हैं। जिसकी खुशी में सभी देवता स्वर्ग से उतरकर बनारस के घाटों पर दीपों का उत्सव मनाते हैं। इसके अलावा मान्यता यह भी है कि भगवान शंकर ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन त्रिपुर नाम के असुर का वध करके काशी को मुक्त कराया था। जिसके बाद देवताओं ने इसी कार्तिक पूर्णिमा के दिन अपने सेनापति कार्तिकेय के साथ भगवान शंकर की महाआरती की और इस पावन नगरी को दीप मालाओं से सजाया था।

Dev Deepawali 2022 varanasi  great festival of gods in city of salvation  know significance Dev Diwali
देव दीपावली पर सजावट - फोटो : अमर उजाला

देव दीपावली को लेकर संतों विद्वानों की मान्यता के अनुसार एक तो यह कि काशी के प्रथम शासक दिवोदास ने अपने राज्य में देवी देवताओं का प्रवेश बंद कर दिया था। छिपे रूप में देवगण कार्तिक मास पंचगंगा घाट पर पवित्र गंगा में स्नान को आते रहे। बाद में देवताओं ने राजा को प्रभावित कर यह प्रतिबंध हटावा लिया। इस विजय को हर्षोल्लास से मनाने के लिए सभी देवी देवता बनारस में दीप मालाओं से सुसज्जित विजय दिवस मनाने और भगवान शिव की महाआरती के लिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन पधारे थे। तभी से देव दीपावली मनाई जाने लगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Dev Deepawali 2022 varanasi  great festival of gods in city of salvation  know significance Dev Diwali
देव दीपावली पर सजा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर - फोटो : अमर उजाला

वैसे तो देव दीपावली का उल्लेख निर्णय सिंधु और स्मृति कौस्तुभी में भी है। काशी में इसकी शुरुआत पुरातन काल से मानी जाती है। हालांकि देव दीपावली वर्ष 1986 में पूर्व काशी नरेश स्व डॉ. विभूति नारायण सिंह पंचगंगा पर हजारा दीप जलाकर कराई थी। काशी की संस्कृति में चार लक्खा मेले में रथयात्रा मेला, नाटी इमली का भरत मिलाप, चेतगंज की नक्कटैया और तुलसी घाट की नागनथैया के बाद अब कोटि मेले के रूप देव दीपावली को माना जाता रहा है।  

विज्ञापन
Dev Deepawali 2022 varanasi  great festival of gods in city of salvation  know significance Dev Diwali
दरभंगा घाट पर सजावट - फोटो : अमर उजाला

मान्यता है कि जब पृथ्वी का निर्माण हुआ तो सूर्य की पहली किरण इसी पावन काशी नगरी की धरती पर पड़ी थी। परंपराओं और संस्कृतियों से रची-बसी काशी की देश दुनिया में पहचान बाबा विश्वनाथ, गंगा और उसके पावन घाटों से है। यहां के लोगों की सुबह हर-हर गंगे के साथ शुरू होती है तो शाम उसी मोक्षदायिनी गंगा के तट पर प्रतिदिन होने वाली आरती जय मां गंगे के साथ खत्म होती है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed