लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से चुनाव लड़ने के लिए अपना संसदीय क्षेत्र वाराणसी ही चुना है। वहीं, मोदी के खिलाफ इस चुनाव में एक 'मृतक' वाराणसी से ही चुनावी मैदान में उतरने जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि एक मृतक मोदी के खिलाफ चुनाव क्यों लड़ने जा रहा है? इसका जवाब भी बहुत रोचक है। पढ़े आगे की स्लाइड्स में...
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रामअवतार यादव 'मृतक'
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आजमगढ़ के जीवित मृतक संघ के बैनर तले रामअवतार यादव चुनाव लड़ने जा रहे हैं। आमजगढ़ जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के गोड़ईपट्टी जमीन मोहम्मदपुर गांव निवासी रामअवतार यादव(85) पुत्र स्व. भगवान यादव 2005 में मृत हो गए थे। वो भी सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी के कारण। हुआ कुछ यूं कि रामअवतार के गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें मृत घोषित कर रामअवतार की जायदाद अपने नाम करा ली।
2005 में हुई इस हेराफेरी की जानकारी रामअवतार को 2012 में पता चली। मोहम्मदपुर गांव के राजेंद्र, इंद्रजीत और दुलारी देवी ने 12 फरवरी 2012 को गांव के ही सितमी देवी, मंजू देवी, सुमन और कांति के नाम रामअवतार की जमीन जायदाद को बैनामा कर दिया। इसके बाद रामअवतार ने मृतक संघ के बैनर तले खुद को जीवित करने के लिए संघर्ष शुरू किया। 12 नवंबर 2013 को सरकारी रिकॉर्ड में रामअवतार जीवित कर दिए गए और खतौनी में इनका नाम चढ़ गया।
इसके बाद 30 जून 2014 को परिवार रजिस्टर में भी इनका नाम शामिल हो गया। लेकिन पांच सालों के बाद भी जायदाद वापस पाने के लिए रामअवतार का संघर्ष जारी है। रामअवतार ने 2014 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सदर सीट से तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी नामांकन दाखिल किया था। लेकिन कुछ खामियों और बैंक एकाउंट न खुलने के चलते नामांकन रद्द हो गया था। इस बार फिर रामअवतार यादव ने अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी संसदीय क्षेत्र से पर्चा दाखिल करने का मन बना लिया है।
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लाल बिहारी मृतक (फाइल फोटो)
मृतक संघ के अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक ने कहा कि मृतक संघ 1988 से अब तक कई चुनाव में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्याशी उतार चुका है। सरकार यदि जांच करा ले तो पूरे प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा जीवित लोग मृतक मिलेंगे। पीएम मोदी के खिलाफ ही नहीं आजमगढ़ से सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ भी प्रत्याशी उतारने की तैयारी चल रही है। साथ ही वाराणसी में जब भी प्रधानमंत्री मोदी नामांकन दाखिल करेंगे, हमारे प्रत्याशी रामअवतार उसके दो दिन पहले अपना पर्चा दाखिल करेंगे।