फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi ropeway 3.85 km journey to be completed in 16 minutes designated as no-kite zone with ban on drones

बनारस रोपवे के यात्रियों सावधान: पान-गुटखा खाके अइला त न मिली एंट्री, गंडोला से पीक थुकबा त जुर्माना वसूलल जाई

Sat, 31 Oct 2026 04:42 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 31 Oct 2026 04:42 AM IST
सार

काशी में रोपवे के बारे में हर वो जानकारी आपको यहां मिलेगा जो आप जानना चाहते हैं। रोपवे से 3.85 किमी लंबा सफर 16 मिनट में पूरा होगा। वहीं रोपवे में पान थूकना और गंदगी फैलाना प्रतिबंधित है। पान-गुटखा साथ लेकर जाने पर भी मनाही है। 

विज्ञापन
Varanasi ropeway 3.85 km journey to be completed in 16 minutes designated as no-kite zone with ban on drones
Varanasi Ropeway - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी में गंडोले का सफर दिसंबर से शुरू होगा। रोपवे का काम 96 प्रतिशत पूरा हो गया है। लेकिन, बनारसियों के लिए सबसे ज्यादा ध्यान देनेवाली बात ये है कि अगर पान या गुटखा खाके रोपवे स्टेशन अइला त एंट्री न मिली। यही नाही गंडोला से पीक थुकबा त तगड़ा जुर्माना वसूलल जाई। रोपवे में पान थूकना और गंदगी फैलाना प्रतिबंधित है। पान-गुटखा साथ लेकर जाने पर भी मनाही है। इसी खातिर स्टेशन के बाहर ही पीकदान भी लगाए जाएंगे। गंडोला तक कोई पान खाकर पकड़ा गया तो जुर्माना लगेगा। 

विज्ञापन

 
रोपवे का हर दिन ट्रायल चल रहा है। इसके ट्रायल में अमर उजाला टीम को भी शामिल होने का मौका मिला। ये देखने की आसमान से काशी कैसा नजर आता है। इतिहास से सनी गलियां, मंत्रों से महकते मंदिर, घाट को जाते रास्ते और महादेव की काशी का टॉप व्यू देखना सचमुच अद्भुत है। यह भारत का पहला शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे है। यहां के अलावा बोलीविया, कोलंबिया और मैक्सिको सिटी में रोपवे सार्वजनिक परिवहन का हिस्सा है। 
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें; वाराणसी में नौ दिन से तेंदुए का खौफ: 45 हजार लोगों में दहशत, वन विभाग ने लगाए दो पिंजरे, बांधी बकरियां

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

हम लेकर आए हैं काशी के रोपवे के बारे में हर वो जानकारी जो आप जानना चाहते हैं

Varanasi ropeway 3.85 km journey to be completed in 16 minutes designated as no-kite zone with ban on drones
Varanasi Ropeway - फोटो : अमर उजाला

कैंट से गोदौलिया कितनी देर में पहुंचेंगे किराया कितना होगा, क्या सामान ले जा सकेंगे?

15 से 16 मिनट में पहुंच जाएंगे। किराया 50 रुपये है। अलग-अलग स्टेशनों के बीच किराया 10 रुपये से शुरू होगा। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड है तो 20 फीसदी की छूट मिलेगी। सात किलो वजन का सामान एक व्यक्ति ले जा सकेगा। उससे ज्यादा सामान है तो अलग से एक और टिकट लेना होगा। कैंट रोपवे स्टेशन पर लॉकर की व्यवस्था भी रहेगी।
बिजली गई या गंडोला रुका तो क्या होगा? जनरेटर बैकअप रहेगा। फिर भी कोई तकनीकि दिक्कत आई तो रोप वे सबसे नजदीकि स्टेशन तक पहुंच जाएगा। जहां से लोगों को उतारा जा सकेगा। कंट्रोल रुम से हर पोल, हर गंडोला की निगरानी होगी।
तेज हवा में रोपवे चलेगा? 
60 किलोमीटर प्रति घंटे की लिमिट तय है। इससे ऊपर हवा बही तो गंडोला खुद ब खुद रुक जाएगा। और फिर नजदीकी स्टेशन पहुंच जाएगा। गंडोला की अधिकतम गति 6 मीटर प्रति सेकंड यानी करीब 21.6 किलोमीटर प्रति घंटे है।   
सबसे अच्छा व्यू कहां से मिलेगा?
गिरिजाघर से काशी की ऐतिहासिक गलियां, मंदिरों के शिखर दिखाई देंगे। वरना रास्तेभर छतों पर काशी की कला-संस्कृति से जुड़ी पेंटिंग होंगी।

Varanasi ropeway 3.85 km journey to be completed in 16 minutes designated as no-kite zone with ban on drones
Varanasi Ropeway - फोटो : अमर उजाला
पतंग-मांझे या ड्रोन से खतरा है?
पतंगें उड़ रही हैं और फिर भी ट्रायल ठीक से चल रहे हैं। रोपवे कॉरिडोर में ड्रोन उड़ाने पर मनाही रहेगी।  
देव दीपावली, सावन में भीड़ बढ़ी तो क्या करेंगे?
3000 यात्री प्रति घंटे की क्षमता है और एक गंडोले में 10 यात्री बैठ सकते हैं। 148 गंडोले हैं। और दो गंडोले इमरजेंसी के लिए रहेंगे। लोगों की भीड़ के मुताबिक गंडोले की संख्या तय की जाएगी। 
अगर कोई यात्री गंडोले का दरवाजा खोलने की कोशिश करे? 
गंडोले के दरवाजे अंदर से नहीं खुलेंगे। उसे टीम का ही व्यक्ति बाहर से आपात स्थिति में खोल सकेगा। 
आम आदमी कैसे सफर करेगा?
रोपवे स्टेशन के मुख्य गेट पर टिकट काउंटर होंगे। एटीवीएम मशीनें भी लगी होंगी। यात्री खुद भी टिकट निकाल सकेंगे। फिर बैग स्कैन होगा। वहीं पास में लॉकर है। टिकट स्कैन करके अंदर एंट्री मिलेगी। लिफ्ट, सीढ़ी और एस्केलेटर से ऊपर जाएंगे और गंडोले से तय स्टेशन पर पहुंच जाएंगे। 
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए क्या सुविधा है? 
स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर हैं। दिव्यांग व्हीलचेयर से गंडोले के अंदर तक जा सकेंगे। कुर्सी फोल्डेबल है, उन्हें फोल्ड करके व्हीलचेयर के लिए जगह बन सकेगी। 

Varanasi ropeway 3.85 km journey to be completed in 16 minutes designated as no-kite zone with ban on drones
Varanasi Ropeway - फोटो : अमर उजाला
कैंट जंक्शन के वेटिंग हॉल से सीधे रोपवे स्टेशन का रास्ता
काशी आने वाले रेल यात्रियों के लिए रोपवे का सफर कैंट स्टेशन से ही शुरू हो सकेगा। इसके लिए कैंट रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल से रोपवे स्टेशन तक ब्रिज तैयार किया जा रहा है। सामान लेकर आने वाले यात्रियों, श्रद्धालुओं को स्टेशन से बाहर निकलकर जाम वाले रास्तों से गुजरने की जरूरत कम होगी। कैंट स्टेशन रोपवे कॉरिडोर का पहला स्टेशन है। दिसंबर में रोप वे शुरु होने की उम्मीद है। गोदौलिया स्टेशन तक का काम भी अगले एक महीने में तैयार हो जाएगा।  

Varanasi ropeway 3.85 km journey to be completed in 16 minutes designated as no-kite zone with ban on drones
पूजा मिश्रा, रोपवे परियोजना निदेशक - फोटो : अमर उजाला

अधिकारी बोले

रोपवे हर दिन 16 घंटे काम करेगा। इसमें यूरोपीय सुरक्षा मानकों के मुताबिक उपकरण लगाए गए हैं और स्विट्जरलैंड के इंजीनियरों की निगरानी में काम कराया गया है। कई-कई बार सुरक्षा जांच की गई है।
-पूजा मिश्रा, रोपवे परियोजना निदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed