फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ध्रुपद मेलाः तुलसी घाट पर बही सुर, लय, ताल की त्रिवेणी, मुग्ध हुए लोग

Wed, 14 Feb 2018 12:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 14 Feb 2018 12:51 PM IST
विज्ञापन
Dance and music fest organise in varanasi
Dhrupad Mela - फोटो : अमर उजाला
ध्रुपद तीर्थ तुलसी घाट पर ध्रुपद मेले में गंगा के तट पर सुर, लय, ताल की त्रिवेणी बही। श्रोताओं ने ध्रुपद के सुरों और पखावज की धुन का आनंद उठाया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं के ध्रुपद वृंद गायन से आरंभ किया। आगे की स्लाइड्स में देखें...


 
Dance and music fest organise in varanasi
Dhrupad Mela - फोटो : अमर उजाला
गायन की पहली प्रस्तुति में डागर बानी शैली में राग भूपाली में निबद्ध आलापचारी के साथ चारताल में निबद्ध रचना तू ही सूर्य, तू ही चंद्र रही। समापन राग चंद्रकौस में सूलताल में निबद्ध डागर घराने की पारंपरिक रचना शंकर गिरिजापति...से किया। पखावज पर काशी के युवा वादक शुभम गुजराती और युगल गुजराती ने संगत की। ध्रुपद मेले की दूसरी प्रस्तुति में लखनऊ से आए पं. राजखुशी राम के एकल पखावज वादन से हुई। उन्होंने नाना पानसे घराने की विशेष प्रस्तुति ताल धमार में विविध लयकारियों के स्वरूप को प्रस्तुत किया। पखावज पर प्रशांत तथा हारमोनियम पर पं. जमुना बल्लभ गुजराती ने संगत की। 

 
Dance and music fest organise in varanasi
Dhrupad Mela - फोटो : अमर उजाला
तीसरी प्रस्तुति में डा. मधुचंदा ने अपने गायन से समा बांधा। डा. मधुचंदा ने गायन का आरंभ राग आभोगी में निबद्ध धमार से कैसे तुम हो मूरख श्याम...से किया। इसके उपरांत उन्होंने सूलताल में त्वं ब्रहाणी, त्वं ही रुद्राणी... से वादन का समापन हुआ। पखावज पर पं. श्रीकांत मिश्र के शिष्य आदित्यदीप ने संगत की। मेले की निशा की चौथी प्रस्तुति में पखावज वृंद वादन पं. अखिलेश गुंदेचा और उनके शिष्य ऐब ने प्रस्तुत किया। इस दौरान अनुजा बोरुडे, ज्ञानेश्वर देशमुख और रमेश चंद्र जोशी ने सहयोग किया। इससे पूर्व सोमवार की मध्य रात्रि में पं फाल्गुनी मित्रा का गायन प्रभावी रहा। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Dance and music fest organise in varanasi
Dhrupad Mela - फोटो : अमर उजाला
इसके उपरान्त वाराणसी के वरिष्ठ वादक पं. रवीन्द्र गोस्वामी का सुरबहार वादन रसपूर्ण रहा। इसके उपरांत कोलकाता से पधारे पं देवज्योति बोस का सरोद वादन हुआ। अगली प्रस्तुति में मुम्बई से पधारे वरिष्ठ कलाकार पं. पुष्पराज कोष्ठी का सुरबहार वादन प्रभावी रहा। इसी क्रम में महाराष्ट्र से पधारे वरिष्ठ बादक पं उद्धव शिंदे ने स्वतंत्र पखावज वादन पेश किया। 

 
विज्ञापन
Dance and music fest organise in varanasi
Dhrupad Mela - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से पधारे कलाकार अजय प्रसन्ना ने बांसुरी वादन से श्रोताओं को संगीत की मिठास से रससिक्त कर दिया। पं. भक्तराज भोसले एवं उनके सुपुत्र ऋतुराज भोसले ने पखावज जुगलबंदी की प्रस्तुति से विभोर किया। राजकुमार झा ने अपने घराने की परनो की दमदार प्रस्तुति से सभी को आनंदित किया। 

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed