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Chhath: व्रती महिलाओं ने घाटों-कुंडों पर सूर्य को दिया अर्घ्य, छठी मइया के गूंजे गीत; देखें पूजन की तस्वीरें

Tue, 28 Oct 2025 04:54 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 28 Oct 2025 04:54 PM IST
सार

Chhath Puja 2025: काशी में मंगलवार की सुबह भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने सुख-समृदि्ध की कामना की। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की टीम जगह-जगह तैनात रही।

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Chhath first offerings were made to Sun varanasi ghats and ponds songs dedicated to Chhathi Maiya song
ड्रोन कैमरे से लगी गई तस्वीर। - फोटो : संवाद

Chhath 2025: रुद्र की नगरी काशी सूर्य के ओज से ऊर्जित हो उठी। कण-कण शंकर की मान्यता वाले आनंदकानन में छठी मइया के साथ भगवान आदित्य की गुहार लगाकर श्रद्धालुओं ने पहला अर्घ्य अर्पित किया। 

Chhath first offerings were made to Sun varanasi ghats and ponds songs dedicated to Chhathi Maiya song
काशी के घाटों पर उमड़ी आस्था। - फोटो : अमर उजाला

उत्तरवाहिनी गंगा के समानांतर 84 घाटों पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था की त्रिवेणी प्रवाहमान हो उठी। इंतजार के बाद श्रद्धालुओं ने रुद्र स्वरूप सूर्य को जब पहला अर्घ्य अर्पित किया तो घाट की सीढि़यां दीपों की आभा से दमक उठी। हालांकि, बादल और धुंध के कारण भगवान सूर्य के दर्शन नहीं हुए। 

Chhath first offerings were made to Sun varanasi ghats and ponds songs dedicated to Chhathi Maiya song
भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए उमड़ा सैलाब। - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को सुबह से ही घाट, कुंड, सरोवरों के साथ घरों में छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गईं। दोपहर 12 बजे से ही श्रद्धालु घरों से सिर पर प्रसाद की टोकरी और हाथ में दीपक लेकर घाट, कुंड और सरोवरों की ओर चल पड़े। कोई दंडवत करते हुए चल रहा था तो उसके पीछे पैर छूते हुए लकीर खींचते हुए। 

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Chhath first offerings were made to Sun varanasi ghats and ponds songs dedicated to Chhathi Maiya song
लाइटनिंग की भरपूर रही व्यवस्था। - फोटो : अमर उजाला

दो बजे तक गोदौलिया से दशाश्वमेध जाने वाली सड़क पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा था। दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट पर भीड़ का आलम ऐसा था कि सीढि़यों पर पैर रखने की जगह तक नहीं थी। शाम के चार बजे से घाट, कुंड, तालाब और सरोवरों पर श्रद्धालु भगवान सूर्य के अस्ताचल में जाने का इंतजार करने लगे।

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Chhath first offerings were made to Sun varanasi ghats and ponds songs dedicated to Chhathi Maiya song
ड्रोन से दिखा विहंगम नजारा। - फोटो : अमर उजाला

जैसे ही शाम के 5:15 बजे, घाटों पर डमरू की निनाद के साथ हर-हर महादेव... का जयघोष गूंज उठा। व्रती महिलाएं प्रसाद की टोकरी लेकर गंगा में परिक्रमा की। व्रती महिलाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने एक-एक करके भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। 

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