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बीएचयूः जब विरोध प्रदर्शन से नहीं बनी बात, परीक्षा से वंचित छात्रों ने चली ये चाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:17 PM IST
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varanasi
- फोटो : amar ujala
बीएचयू के विधि संकाय में कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया। इस पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। जब इससे बात नहीं बनी तो खुद को और परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को हॉस्टल में बंद कर लिया। न वो खुद परीक्षा देने गए और ना ही दूसरे छात्रों को परीक्षा देने दी। शुक्रवार को दिन भर नाराजगी और मनाने का दौर चलता रहा। आगे की स्लाइड्स में जानिए पूरा घटनाक्रम...
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दरअसल, विधि संकाय के 120 छात्र-छात्राओं को कम उपस्थिति के चलते परीक्षा से वंचित कर दिया गया था। इस पर छात्रों ने सिंह द्वार और संकाय में धरना और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 40 फीसदी से ऊपर वालों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी। बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा कराई गई।
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इसी बीच गुरुवार की देर रात डॉ. भगवानदास हॉस्टल में दो छात्र गुट आपस में ही भिड़ गए थे। बताया जा रहा है कि जो छात्र परीक्षा से वंचित रह गए थे, उन्होंने परीक्षा देने वालों के साथ मारपीट की। इसके बाद शुक्रवार की सुबह उन्होंने खुद को ही हॉस्टल में बंद लिया।
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सुबह जैसे ही सूचना मिली प्राक्टोरियल बोर्ड पुलिस फोर्स के साथ हॉस्टल पहुंची। ताला तोड़ने का प्रयास किया गया लेकिन सुरक्षाकर्मी नाकाम रहे। छात्रों का आरोप था कि देर रात वार्डन प्रो. जेपी राय के गुंडों ने उनकी पिटाई की थी। उनके हॉस्टल से बाहर जाने में खतरा है, इसलिए उन्होंने अपने आप को हॉस्टल में बंद कर रखा है। छात्र वार्डन के इस्तीफे की मांग पर छात्र अड़ गए।
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छात्रों के समझाने की कोशिश
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इस घटना के बाद न सिर्फ डॉ. भगवानदास हॉस्टल बल्कि विधि संकाय के डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास और चाणक्य छात्रावास के वार्डन और एडमिन वार्डन ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया।