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बीएचयू छात्राओं ने फिर दिया धरना, इस बार वजह कुछ और
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 12 Feb 2018 08:50 PM IST
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girls protest
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू की छात्राएं एक बार फिर सोमवार को आंदोलित हो गईं। महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने दोपहर साढ़े बारह बजे कॉलेज गेट पर धरना शुरू कर दिया। तीन घंटे तक चलने धरने के दौरान छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्राओं के इस धरना का कारण कुछ और ही है। आगे की स्लाइड्स में देखें....
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छात्राओं का यह विरोध मेस दुर्व्यवस्था के खिलाफ था। उनका आरोप है कि हास्टल मेस का शुल्क 2400 से तीन हजार रुपये महीना कर दिया गया, बावजूद इसके भोजन की गुणवत्ता खराब है। धरने की सूचना से विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में धरनास्थल पर पहुंची कॉलेज प्रशासन व प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने छात्राओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया।
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धरने पर बैठी छात्राओं का कहना था कि जनवरी महीने में एक से छह जनवरी तक मेस बंद था। इतने दिन का शुल्क छोड़कर बचे हुए दिन के शुल्क की मांग की जा रही है जबकि बहुत सी छात्राएं छह जनवरी के बाद आईं। बिना मेस में भोजन करने के बावजूद हमसे मेस शुल्क लिया जा रहा है। इससे कई छात्राओं को सौ रुपये से 2600 रुपये का नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने दूसरे हॉस्टल की तरह महिला महाविद्यालय के हास्टल में भी मेस शुल्क प्रति मील के अनुसार निर्धारित करने की मांग रखी। साथ ही, मेस में मांसाहारी भोजन उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की मांग रखी। छात्राओं के धरने की सूचना पर महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या सिंह कौशिक, चीफ वार्डन प्रो. नीलम अत्रि समेत हास्टल की सभी वार्डन पहुंचीं।
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उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिश की। छात्राओं ने मेस का संचालन अपने हाथ में लेने की बात कही। इस पर चीफ वार्डन ने आंदोलन कर रही छात्राओं से हास्टल की सभी छात्राओं की स्वीकृति लेने को कहा। चीफ वार्डन का कहना है कि अगर सभी छात्राएं इसकी स्वीकृति दे देती हैं तो हम उनके हाथ में मेस का संचालन दे सकते हैं। इसके बाद छात्राओं ने धरना समाप्त किया।