{"_id":"5bb0ad9d867a55013856aea1","slug":"azamgarh-police-raid-in-illegal-arms-factory","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, पूर्वांचल के अलावा बिहार में होती थी सप्लाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़ में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, पूर्वांचल के अलावा बिहार में होती थी सप्लाई
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Mon, 01 Oct 2018 09:18 AM IST
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- फोटो : amar ujala
यूपी के आजमगढ़ जिले में बीबीपुर गांव के सिवान में शनिवार की शाम महराजगंज थाने की पुलिस ने छापेमारी कर अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यहां से एक आरोपी को गिरफ्तार कर 11 तमंचे, 25 अर्द्धनिर्मित तमंचे और औजार बरामद किए गए। जबकि छह आरोपी भाग गए। लोकसभा चुनाव के दौरान इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए तेजी से काम किया जा रहा था। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें....
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आरोपी अब तक 600 से अधिक तमंचे बेच चुका है। यहां तैयार तमंचे पूर्वांचल के अलावा बिहार में बेचे जाते थे। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक महराजगंज पुलिस ने शनिवार की शाम बीबीपुर गांव के सिवान में छापा मारकर रौनापार थाना क्षेत्र के मकरा गांव निवासी रामनाथ को गिरफ्तार कर लिया। जबकि छह आरोपी फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी ने बताया कि वह डेढ़ वर्ष से यहां काम कर रहा था। यहां तैयार होने वाले तमंचे तीन से साढ़े तीन हजार रुपये में बेचे जाते हैं।
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यहां से पूर्वांचल के अलावा बिहार में भी सप्लाई की जाती है। लोकसभा चुनाव के दौरान इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए तेजी से काम किया जा रहा था। मुबारकपुर थाने के बम्हौर गांव के कारीगरों की मदद से यहां तमंचे तैयार किए जाते थे। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कुछ असलहा खरीदने वालों के नाम और पते की जानकारी हुई है। उनका रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
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बीबीपुर गांव में संचालित अवैध असलहे की फैक्ट्री में तमंचा बनाते समय रंगेहाथ गिरफ्तार हुए रामनाथ पुत्र श्यामदेव से हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि मुबारकपुर थाने के बम्हौर गांव के कारीगरों की मदद से यहां तमंचे तैयार किए जाते थे। बता दें कि म्युजिक कैसेट कंपनी गुलशन कुमार की हत्या में प्रयुक्त तमंचे का निर्माण मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बम्हौर गांव में हुआ था।
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- फोटो : अमर उजाला
इसका खुलासा होने पर पुलिस ने बम्हौर गांव से इस कारोबार की जड़ें लगभग समाप्त कर दी थी। पुलिस की सख्ती के बाद बम्हौर गांव के अवैध असलहों के काम करने वाले अन्य क्षेत्रों के कारीगरों की मदद कर हथियार तैयार करवाते हैं। पुलिस बम्हौर गांव के लिंक को भी जांच में प्रमुख कड़ी मान रही है।