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तस्वीरें : स्कूली बच्चों ने दिखाया, काशी के रज-रज में बसा सत्कार का भाव
Thu, 17 Jan 2019 01:45 PM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: shashikant misra
Updated Thu, 17 Jan 2019 01:45 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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सत्कार के संस्कार भाव से काशी का रज-रज बसा है। अतिथि को देवतुल्य मान, उसकी आवभगत यहां की वैभवशाली परंपरा रही है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया के कोने-कोने से आने वाले मेहमानों को अपनत्व देने वाली काशी को परदेसी हो गए अपनों की बेसब्री से प्रतीक्षा है। सभी कह रहे हैं, आओ अतिथि...आपके इंतजार पर काशी की चौखट पर खड़े हम स्वागत को तैयार हैं...। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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प्रवासी भारतीयों के स्वागत के लिए अमर उजाला की ‘अतिथि देवो भव:’ रैली ने काशी में नया कीर्तिमान गढ़ दिया। अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बुधवार को ढाई किलोमीटर लंबा हजारों हजार विद्यार्थियों का अटूट काफिला सड़कों पर उतरा, तो अपलक निगाहें इनकी सधी कदमताल और अनुशासन देखकर अभिभूत हो गई।
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हर हर महादेव...वंदेमातरम और भारत माता की जय... से शहर गूंज उठा। यही नहीं, 21 से 23 जनवरी के बीच वाराणसी आने वाले मेहमानों और मेजबान के रिश्ते की मिठास और मधुरता को चार दिन पहले ही हर किसी ने महसूस किया।
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प्रवासी भारतीयों के स्वागत के लिए बच्चे उत्साह से लबरेज हैं। अतिथि देवो भव: अपराजिता रैली में इसका उदाहरण देखने को मिला। रैली में शामिल बच्चों ने बताया कि उन्होंने किस तरह से परदेस में रहने वाले अपनों के स्वागत की तैयारी की है।
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नेपाल की संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे प्राथमिक विद्यालय भरथरा के बच्चों ने बताया कि वह प्रवासियों का स्वागत बनारसी अंदाज में करेंगे। उन्होंने नेपाल का राष्ट्रगान भी सुनाया।