कश्मीर के बडगाम जिले में वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर हादसे में वाराणसी के लाल सार्जेंट विशाल पांडेय ने जान गंवा दी। सार्जेंट विशाल दो महीने पहले तक राजस्थान में रहते थे। इसके बाद उनका तबादला जम्मू-कश्मीर में कर दिया गया था। 26 फरवरी को पाकिस्तान पर हुए एयर स्ट्राइक के बाद से ही विशाल के घरवाले चिंतित थे। उन्हें नहीं पता था कि बेटा घरवालों से किया वादा नहीं निभा पाएगा। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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vishal pandey
- फोटो : amar ujala
कहां चले गए मेरे लाल... तेरे बिना अब कैसे रहेंगे हम...। विशाल की जान गंवाने की खबर मिलने के बाद बुधवार शाम से ही मां विमला देवी यही शब्द कहकर बिलखती रहीं। उन्हें ढांढस बंधा रहीं मोहल्ले और रिश्तेदार महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे रही थी। पिता विजय शंकर पांडेय एक कमरे में गुमसुम बैठे थे और आंखों से आंसुओं की धार रुक नहीं रही थी।
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शहीद के बड़े भाई विकास ने बताया कि दो महीने पहले तक विशाल राजस्थान में तैनात थे। जम्मू-कश्मीर ट्रांसफर होने के बाद 26 फरवरी की भोर वायु सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक की तो हम सभी विशाल के लिए चिंतित हुए। फोन पर विशाल ने कहा था कि घबराने की कोई बात नहीं है, सब कुछ ठीक है।
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14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पिता जी और विशाल में हालात को लेकर लंबी बातचीत हुई थी। विशाल कहते थे कि हिंद की सेना सर्वश्रेष्ठ है और पाकिस्तान को हिंदुस्तान के आगे घुटने टेकने पड़ेंगे। उन्हें अपनी सेना पर पूरा भरोसा था। विकास ने बताया कि विशाल ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई बलिया जिले के नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर और स्नातक प्रयागराज स्थित इविंग क्रिश्चियन कॉलेज से उत्तीर्ण की। विशाल संवेदनशील और पढ़ाई के प्रति ध्यान देने के साथ ही घरेलू जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करते थे।
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परिजनों ने बताया कि विशाल फरवरी 2018 में घर आए थे। अब होली पर उन्हें पत्नी और बच्चों के साथ घर आना था। 2009 में विशाल ने हुकुलगंज की यादव गली में मकान बनवाया तो परिवार के सभी लोग यहीं रहने लगे। 2009 में ही सुंदरपुर निवासी बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में कार्यरत रवि कुमार पांडेय की बेटी माधवी से विशाल का विवाह हुआ। बहन वर्णिता की शादी हो चुकी है, जबकि छोटे भाई आकाश और छोटी बहन वैष्णवी अविवाहित हैं। परिजनों ने बताया कि विशाल अपने काम में इतने कुशल थे कि छुट्टी पर आते, तब भी उनके सहकर्मियों का फोन उनके पास किसी न किसी काम से आता रहता था।