पिता ने जिंदा बेटी का किया पिंडदान: कहा- मेरे लिए मर चुकी है, प्रेमी के साथ सोनभद्र में है युवती; सभी नाराज
चंदौली में दूसरी जाति के युवक से प्रेम विवाह करने पर नाराज पिता ने अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया। पिता ने पीपल के पेड़ के नीचे बेटी का श्राद्ध करते हुए कहा कि वह उनके लिए मर चुकी है। युवती ने दो महीने पहले प्रेमी से कोर्ट मैरिज की थी। फिलहाल वह पति के साथ सोनभद्र में रह रही है।
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परिवार की मर्जी के खिलाफ दूसरी जाति के युवक से प्रेम विवाह करने से नाराज पिता ने शनिवार शाम अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी के फैसले से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है और अब उससे उनका कोई रिश्ता नहीं है। मामला जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर जगदीशराय गांव का है। घटना के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है।
गांव निवासी प्रकाश सिंह किसान हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी नेहा सिंह (20) ने करीब दो महीने पहले अपने प्रेमी सावन (24) से कोर्ट मैरिज की थी। सावन गांव में पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बेटे हैं। शादी के बाद नेहा और सावन सोनभद्र शहर में पति-पत्नी के रूप में रहने लगे।
परिवार की मर्जी के खिलाफ की शादी परिजनों के मुताबिक, नेहा और सावन के बीच प्रेम संबंध था। करीब दो महीने पहले नेहा घर छोड़कर सावन के साथ चली गई और दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। परिवार के लोगों ने उसे वापस लाने और अपना फैसला बदलने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन नेहा अपने निर्णय पर कायम रही। उसने सावन के साथ रहने की इच्छा जताई।
पीपल के पेड़ के नीचे किया पिंडदान
बेटी के फैसले से नाराज चल रहे प्रकाश सिंह ने शनिवार शाम करीब पांच बजे घर से लगभग 200 मीटर दूर पीपल के पेड़ के नीचे उसका पिंडदान किया। यह कदम उन्होंने बेटी के प्रेम विवाह से उपजी नाराजगी के चलते उठाया।
प्रकाश सिंह ने कहा कि माता-पिता बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए त्याग करते हैं और चाहते हैं कि जीवन के बड़े फैसलों में बच्चे परिवार की भावनाओं का भी ध्यान रखें। उनके मुताबिक, बेटी के फैसले से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब बेटी से उनका कोई रिश्ता नहीं रहा और वह उनके लिए मर चुकी है।
परिवार के लोग भी फैसले से नाराज
प्रकाश सिंह के छोटे भाई पप्पू सिंह ने बताया कि नेहा स्नातक है। परिवार ने उसे बेटे की तरह पाला और उनकी इच्छा थी कि वह परिवार की सहमति से विवाह करे। उनके अनुसार, दूसरी जाति के युवक से शादी करने के फैसले से परिवार के लोग आहत हैं और वे बड़े भाई के निर्णय से सहमत हैं। फिलहाल, बेटी के प्रेम विवाह के बाद परिवार और उसके बीच रिश्तों में आई तल्खी इस घटना के केंद्र में है। पिता की ओर से पिंडदान किए जाने के बाद गांव में इसकी चर्चा हो रही है।