यूपी: बहन की गिरफ्तारी के बाद मुठभेड़ में भाई भी अरेस्ट, आवास दिलाने के नाम पर करता था ठगी; नौ केस हैं दर्ज
आजमगढ़ में आवास दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में नौ मुकदमों के आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। मामले में शाम को गिरफ्तार महिला आरोपी की सगी बहन निकली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आजमगढ़ में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पासीपुर पुलिया के पास रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में नौ मुकदमों में वांछित आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी की पहचान मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के बेला कलेशपुर उर्फ किशनपुर निवासी साहब रामके रूप में हुई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
थानाध्यक्ष कप्तानगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि रविवार रात करीब एक बजे पुलिस पासीपुर पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गोपालगंज की तरफ से मोटरसाइकिल सवार एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस ने टार्च की रोशनी से उसे रुकने का इशारा किया। आरोप है कि खुद को पुलिस से घिरा देखकर उसने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
आरोपी के खिलाफ कप्तानगंज थाने सहित दो जिलों के विभिन्न थानों में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से वांछित था। उस पर आवास दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने और महिलाओं को झांसा देकर उनके आभूषण हड़पने का आरोप है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि रविवार शाम को कोईनहा मोड़ से संदिग्ध हालत में नीरज उर्फ गुड्डी नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से भी कुछ आभूषण बरामद हुए थे। पूछताछ में पता चला कि वह मुठभेड़ में घायल साहब राम की बहन है।
पुलिस के अनुसार, दोनों भाई-बहन मिलकर आवास दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। इसके अलावा पूजा पंडालों के आसपास महिलाओं के आभूषण काटने की घटनाओं में भी उनकी संलिप्तता बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि महिला अपने भाई का इंतजार कर रही थी। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।