फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देश के 9वें प्रधानमंत्री का परिवार इस बार चुनावी मैदान से है बाहर, जानिए क्या है वजह 

Fri, 10 May 2019 05:05 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया Published by: Sayali Maurya Updated Fri, 10 May 2019 05:05 PM IST
विज्ञापन
9th prime minister of india family is out of Lok sabha election 2019 know reason
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने पूर्वांचन का प्रतिनिधित्व किया है। चंद्रशेखर ने आठ बार अपने जिले बलिया की सीट का प्रतिनिधित्व संसद में किया। उसके बाद चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया। लेकिन इस चुनाव में चंद्रशेखर का परिवार मैदान से बाहर है। जानिए क्या वजह है जो एक राजनीतिक परिवार राजनीति से बाहर है। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में....

9th prime minister of india family is out of Lok sabha election 2019 know reason

बलिया लोकसभा सीट लंबे समय तक पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाम से जानी जाती रही है। जनता पार्टी की लहर में 1977 से 2004 तक चंद्रशेखर ने संसद में आठ बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। बाद में यह सीट उनके पुत्र नीरज शेखर के पास रही। अपने जीवनकाल में न तो चंद्रशेखर ने बलिया छोड़ा और न बलिया के वोटरों ने उनको। 

9th prime minister of india family is out of Lok sabha election 2019 know reason

इस दौरान 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर जगन्नाथ चौधरी से हार गए थे। राजनीति में कितने भी उलटफेर हुए हों। अपने बयानों और काम से चंद्रशेखर की आलोचना देश भर में हुई लेकिन बलिया की जनता हमेशा उनके साथ रही। उनके निधन के बाद यह सीट उनके छोटे पुत्र नीरज शेखर के पास रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन
9th prime minister of india family is out of Lok sabha election 2019 know reason
चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर - फोटो : Google

नीरज शेखर एक उपचुनाव और दो आम चुनाव यहीं से जीते। 2014 की मोदी लहर में भाजपा के भरत सिंह से हारने के बाद नीरज को राज्यसभा में भेज दिया गया था। इस बार न तो उनको टिकट दिया गया और न ही उनकी पत्नी सुषमा शेखर को टिकट दिलाने की कोशिश कारगर हुई। चालीस वर्ष बाद यह पहला अवसर है, जब चंद्रशेखर के परिवार का सदस्य सीट से चुनाव नहीं लड़ रहा है। दूसरी ओर टिकट काटे जाने के बाद कुछ लोग नीरज के वजूद पर ही सवाल उठाने लगे हैं। 

विज्ञापन
9th prime minister of india family is out of Lok sabha election 2019 know reason

पहले चुनाव में निर्दलीय सांसद चुने गए :
बलिया के बागीपन की कहानी लोकसभा के पहले आम चुनाव में ही दिख गई थी। 1952 में कांग्रेस के टिकट नहीं देने पर मुरली बाबू निर्दल लड़ गए। उन्होंने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के बेटे गोविंद मालवीय को पराजित किया। 1962 में कांग्रेस ने मुरली बाबू को प्रत्याशी बनाया और वह जीते। 1967 और 1971 में भी यहां से कांग्रेस जीती 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed