शामली के थानाभवन में एके-47, तेरह सौ कारतूस और चार मैगजीन के साथ गिरफ्तार पिंटू माजरा सियासत में वजूद बनाना चाहता था। जिला पंचायत के वार्ड 26 से सदस्य पद का चुनाव लड़ा, लेकिन हार मिली। चुनाव में हार के बावजूद पिंटू का नाम नेताजी पड़ गया।
बड़ा खुलासा : सियासत में वजूद बनाना चाहता था एके-47 का सौदागर पिंटू, पकड़े गए इतने कारतूस, अफसर भी हैरान
सियासी गलियारों में खूब चर्चित हुए पिंटू के होर्डिंग
भाजपा सरकार बनने के बाद बुढ़ाना रोड पर लगवाए गए पिंटू माजरा के होर्डिंग खूब चर्चा का विषय बने हुए हैं। भाजपा के रंग में रंगे होर्डिंग में एक तरफ केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के फोटो हैं, तो दूसरी तरफ अनिल बालियान उर्फ पिंटू की तस्वीर है। पिंटू की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर यह होर्डिंग दिनभर खूब चर्चा का विषय रहे।
लंबे समय तक भाकियू में सक्रिय रहा पिंटू
आरोपी पिंटू माजरा लंबे समय तक भाकियू में भी सक्रिय रहा है। सिसौली में उसकी खूब आवाजाही रही। सीबीसीआईडी की जांच के बाद विक्की त्यागी हत्याकांड़ में नाम आ जाने के बाद सक्रियता कम नजर आने लगी थी। गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा का विषय बना रहा।
दो साल पहले तमंचे के साथ पकड़ा था अनिल
लग्जरी गाड़ी में चलने का शौकीन पिंटू उर्फ अनिल बालियान का नाम 2015 में हुए विक्की त्यागी हत्याकांड में सीबीसीआईडी की जांच में सामने आया था। 26 मई 2018 को पुलिस ने उसकी संपत्ति कुर्क की थी। सीओ फुगाना शरद चंद्र शर्मा वर्ष 2020 में शहर कोतवाली पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। विक्की त्यागी हत्याकांड़ में आरोपी सागर के साथ भी पिंटू की रिश्तेदारी है।
अनिल का इतिहास खंगाल रही पुलिस
हथियारों का जखीरा बरामद होने के बाद पुलिस अब अनिल उर्फ पिंटू माजरा का इतिहास खंगाल रही है। पुलिस को अंदेशा है कि पिंटू हथियारों की खरीद और सप्लाई से जुड़ा है, इस बिंदु पर भी मामले की जांच की जा रही है।