संभल तहसील क्षेत्र के गांव अल्लीपुर में स्थित अमरपति खेड़ा पर शुक्रवार को डीएम डॉ.राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई पहुंचे। ग्रामीणाें को अलग-अलग समय की खोदाई के दौरान मिले घड़ा और सिक्के को भी देखा। साथ ही उन हड्डियों को भी देखा जो काफी समय पहले एक खोदाई के दौरान मिली थीं।
संभल के अमरपति खेड़ा में बनेगा संग्रहालय: अफसरों ने देखीं प्राचीन वस्तुएं, ASI ने 1920 में किया था संरक्षित
संभल तहसील के अल्लीपुर गांव में डीएम और एसपी ने अमरपति खेड़ा का निरीक्षण किया। यहां गुरु अमर की प्राचीन समाधि और अन्य 20 समाधियों की जानकारी मिली। ग्रामीणों के पास से मिले घड़े, सिक्के और पुरानी हड्डियों को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया गया है। यह स्मारक 1920 से एएसआई के संरक्षण में हैं।
प्राचीन वस्तुएं संरक्षित कराई जाएंगी
अमरपति खेड़ा स्मारक पर निरीक्षण के बाद डीएम ने कहा कि संभल में संग्रहालय बनाएंगे। जिससे प्राचीन वस्तुएं संरक्षित की जा सकेंगी। अमरपति खेड़ा के खुदाई में मिले घड़े, सिक्के और अन्य वस्तुओं को संग्रहालय में संरक्षित कराएंगे। अन्य जो भी प्राचीन वस्तुएं होंगी उनको भी संरक्षित कराया जाएगा। जिससे जिले का ऐतिहासिक महत्व बना रहे और पर्यटन स्थल का महत्व भी दर्शाए।
देखभाल के अभाव से जूझ रहे स्मारक
जिले में एएसआई संरक्षित सात स्मारक हैं। इसमें संभल की जामा मस्जिद, सौंधन का किला, फिरोजपुर का किला, चंद्रेश्वर तीर्थ, बेरनी मंदिर, गुमथल और अमरपति खेड़ा शामिल हैं। छह स्मारकों का जिक्र एएसआई द्वारा समय-समय पर किया जाता रहा है लेकिन बुधवार से ही सातवां स्मारक होने की जानकारी एएसआई द्वारा दी गई है।
जो स्मारक जिले में है उन सभी की देखभाल का अभाव है। सौंधन किले के आसपास अतिक्रमण है। इसी तरह फिरोजपुर किले की स्थिति है। चंद्रेश्वर तीर्थ और अमरपति खेड़ा की जमीनों पर अवैध पट्टे कर दिए गए हैं। देखभाल का अभाव स्पष्ट नजर आता है।
सोत नदी के नजदीक ऊंचाई पर है अमरपति खेड़ा
डीएम ने निरीक्षण के बाद बताया कि सोत नदी के नजदीक यह अमरपति खेड़ा है। जो 20 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर बसा है। इससे ही इसकी प्राचीनता स्पष्ट होती है। लंबे समय से इसकी देखभाल का अभाव रहा है। प्रयास किया जाएगा कि इसको पुराने स्वरूप में एएसआई के द्वारा लाया जाए। जिससे यह स्थल भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सके।
जिले के सभी नौ स्मारक एएसआई संरक्षित हैं। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी एएसआई की है। राजस्व विभाग की टीम एएसआई की टीम के साथ अमरपति खेड़ा गई थी। तब इस स्मारक की जानकारी हुई है। हमारी योजना है कि संभल में संग्रहालय बनाया जाए। जहां प्राचीन वस्तुएं संरक्षित कराई जाएं। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।
यह हैं जिले में एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक
- संभल जामा मस्जिद
- फिरोजपुर किला
- सौंधन किला
- सौंधन मस्जिद
- चंद्रेश्वर तीर्थ
- बेरनी मंदिर
- सरथल टीला
- गुमथल टीला
- अमरपति खेड़ा