उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले भर में करवाचौथ पर्व श्रद्धाभाव से मनाया गया। सुहागिनों ने सजधज कर शाम के समय करवाचौथ की कथा सुनी। मंदिरों में पहुंचकर विवाहिताओं ने पूजा अर्चना कर पति की दीर्घायु की कामना की।
{"_id":"6542723d58fb342988062e29","slug":"karwa-chauth-2023-married-women-opens-karwa-chauth-vrat-after-offering-arghya-to-the-moon-2023-11-01","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Karwa Chauth 2023: चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से किया सजना का दीदार, करवाचौथ पर रही प्रेम की बहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karwa Chauth 2023: चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से किया सजना का दीदार, करवाचौथ पर रही प्रेम की बहार
Wed, 01 Nov 2023 09:13 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 01 Nov 2023 09:13 PM IST
विज्ञापन
करवा चौथ व्रत खोलती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
करवा चौथ व्रत खोलती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
सामूहिक रूप से सुनी कथा
आवास-विकास स्थित श्री हरि मंदिर में महिलाओं द्वारा विशेष रूप से पूजा कर पति की दीर्घायु की कामना की। इसी तरह आवास-विकास में एक सभागार में विवाहिताओं ने सामूहिक रूप कथा सुनी। पूजा अर्चना पंडित तिलकराज पराशर ने कराई। इस दौरान वर्तिका, अशीमा, सोनिया, मोनिका, पारूल, रोशनी, शशी मौजूद रहे। इसी तरह नुमाइशकैंप, हकीकतनगर, बेरीबाग, गोविंदनगर, शारदानगर, गिल कॉलोनी, मिशन कम्पाउंड, सुभाषनगर, पटेलनगर, सम्राट विक्रम कॉलोनी, खलासी लाइन स्थित मंदिरों में सामूहिक रूप से करवाचौथ की कथा सुनी। इसके अलावा घरों में भी बुजुर्ग महिलाओं से सुहागिनों ने कथा सुनकर आशीर्वाद लिया।
आवास-विकास स्थित श्री हरि मंदिर में महिलाओं द्वारा विशेष रूप से पूजा कर पति की दीर्घायु की कामना की। इसी तरह आवास-विकास में एक सभागार में विवाहिताओं ने सामूहिक रूप कथा सुनी। पूजा अर्चना पंडित तिलकराज पराशर ने कराई। इस दौरान वर्तिका, अशीमा, सोनिया, मोनिका, पारूल, रोशनी, शशी मौजूद रहे। इसी तरह नुमाइशकैंप, हकीकतनगर, बेरीबाग, गोविंदनगर, शारदानगर, गिल कॉलोनी, मिशन कम्पाउंड, सुभाषनगर, पटेलनगर, सम्राट विक्रम कॉलोनी, खलासी लाइन स्थित मंदिरों में सामूहिक रूप से करवाचौथ की कथा सुनी। इसके अलावा घरों में भी बुजुर्ग महिलाओं से सुहागिनों ने कथा सुनकर आशीर्वाद लिया।
करवा चौथ व्रत खोलती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
खूब ली सेल्फी, पति के नाम के बनवाए टैटू
मंदिरों में सजधज कर पहुंची सुहागिनों ने खूब सेल्फी। इसके साथ ही फोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड की। सोशल मीडिया पर भी करवाचौथ पर्व की धूम रही। वहीं, बड़ी संख्या में विवाहिताओं ने हाथों और कलाई पर पति के नाम के टैटू भी बनवाए।
मंदिरों में सजधज कर पहुंची सुहागिनों ने खूब सेल्फी। इसके साथ ही फोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड की। सोशल मीडिया पर भी करवाचौथ पर्व की धूम रही। वहीं, बड़ी संख्या में विवाहिताओं ने हाथों और कलाई पर पति के नाम के टैटू भी बनवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
करवा चौथ व्रत खोलती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
नवविवाहित जोड़ों भारी उत्साह, वीडियो कॉल के जरिए भी किया दीदार
करवाचौथ पर नव विवाहित जोड़ों में भारी उत्साह नजर आया। नवविवाहित जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ फोटों खींचकर सोशल मीडिया पर अपलोड शुभकामनाएं दीं, जिन सुहागिनों के पति नौकरी व कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर दूसरे शहरों में हैं, उनको पत्नियों ने वीडियो कॉल के जरिए दीदार कर व्रत का परायण किया।
करवाचौथ पर नव विवाहित जोड़ों में भारी उत्साह नजर आया। नवविवाहित जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ फोटों खींचकर सोशल मीडिया पर अपलोड शुभकामनाएं दीं, जिन सुहागिनों के पति नौकरी व कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर दूसरे शहरों में हैं, उनको पत्नियों ने वीडियो कॉल के जरिए दीदार कर व्रत का परायण किया।
विज्ञापन
करवा चौथ व्रत खोलती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
सलाखों से किया चांद का दीदार
जिला कारागार में बंद महिला बंदियों ने भी करवाचौथ का व्रत रखा। इसके लिए जिला कारागार प्रशासन द्वारा इनके लिए विशेष व्यवस्था की गई। इन्होंने करवाचौथ की कथा भी सुनी और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ व्रत खोला। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि महिला बंदियों के लिए व्रत रखने की सभी व्यवस्था की गई। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर सामूहिक रूप से महिला बंदियों ने पूजा कर व्रत खोला।
जिला कारागार में बंद महिला बंदियों ने भी करवाचौथ का व्रत रखा। इसके लिए जिला कारागार प्रशासन द्वारा इनके लिए विशेष व्यवस्था की गई। इन्होंने करवाचौथ की कथा भी सुनी और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ व्रत खोला। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि महिला बंदियों के लिए व्रत रखने की सभी व्यवस्था की गई। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर सामूहिक रूप से महिला बंदियों ने पूजा कर व्रत खोला।