सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में मंगलवार की सुबह बाढ़ आने पर हुए हादसे ने पुलिस-प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। यदि बाबा भूरादेव मंदिर पर बनी बाढ़ सुरक्षा चौकी पर कर्मचारी ड्यूटी पर होते तो श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोका जा सकता था। इसी लापरवाही को लेकर शंकराचार्य आश्रम के संतों ने पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई है।
महिला की मौत: शाकंभरी हादसे के पीछे सामने आई ये बड़ी लापरवाही, संतों ने पुलिस अफसरों को सुनाई खरी-खोटी
दो दिन पहले भी नदी में अचानक आई बाढ़ में कई वाहन बह गए थे। इसके बाद भी पुलिस-प्रशासन सतर्क नहीं हुआ। मंगलवार की सुबह हादसे के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रणता ऐश्वर्या व तहसीलदार प्रकाश सिंह तो मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस देरी से पहुंची। आश्रम के शंकर बाबा ने आरोप लगाया कि पुलिस पूरे सिद्धपीठ क्षेत्र में कहीं भी अपनी ड्यूटी पर नहीं रहती। उन्होंने सीओ से सवाल किया कि रात बाढ़ सुरक्षा चौकी पर जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थी, वह कहां थे। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की।
परिवार में मचा कोहराम, करना था दुकान का मुहूर्त
शुगर मिल कॉलोनी निवासी सीमा पत्नी हेमंत अपनी पुत्री रिया के साथ बुटीक चलाती थीं। हाल ही में उन्होंने दुकान को शोरूम के रूप में विकसित किया, जिसका बुधवार को मुहूर्त होना था। इससे पूर्व सीमा अपनी पुत्री तानिया, रिया, मेघा व ड्राइवर रवि के साथ मां शाकंभरी देवी के दर्शन को गई थीं।
हादसे के बाद शंकराचार्य आश्रम के संत तानिया और मेघा को लेकर भूरादेव पहुंचे, तब, मेघा और तानिया को पता चला कि उनकी मां की मौत हो चुकी है। इसके बाद दोनों का रो-रोककर बुराहाल हो गया, जबकि रिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इनके पिता हेमंत शुगर मिल में नौकरी करते हैं।
विधायक ने दी सांत्वना, नहीं है तीनों बहनों कोई भाई
नगर विधायक राजीव गुंबर ने शुगर मिल कॉलोनी पहुंचकर मृतका के परिवार को सांत्वना दी। इसके साथ ही शासन से मुआवजा दिलाने और लापरवाही बरतने पुलिस-प्रशासन के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पूर्व विधायक ने अस्पताल पहुंचकर भी घटना जानकारी ली। वहीं, सीमा पत्नी हेमंत की तीन बेटियां मेघा, तानिया और रिया हैं। इन तीनों बहनों का कोई भाई नहीं है। सीमा की मौत से तीनों बेटियों का रो-रोककर बुरा हाल है।