ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार मुजफ्फरनगर निवासी मशहूर चित्रकार मौजुद्दीन बावरा से मिलना चाहते थे, मगर उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। ख्यातिलब्ध चित्रकार बावरा द्वारा बनाए अपनी फिल्मों की पोस्टर के दिलीप कुमार कायल थे। उनके निधन से प्रशंसकों में शोक व्याप्त है।
मुजफ्फरनगर के मल्हूपुरा निवासी मशहूर चित्रकार मौजुद्दीन बावरा ने मुंबई और दिल्ली के आर्ट स्टूडियो में चित्रकारी में अपना अलग मुकाम हासिल किया था। बावरा ने बॉलीवुड की नामचीन फिल्म ‘बैजू बावरा’ के अलावा दिलीप कुमार अभिनीत फिल्में ‘मुगल ए आजम’, संघर्ष, राम और श्याम जैसी सफल फिल्मों के पोस्टर बना कर राष्ट्रीय पहचान बनाई थी। बाद में वो मुंबई से अपने शहर लौट आए थे। बावरा का सितंबर 2014 को निधन हो गया था। उनके शिष्य हाजी मोहम्मद जकारिया और रईस अहमद बताते है कि ‘मुगल-ए-आजम’ में ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार ने इतिहास रचा था। मुंबई में फिल्म के पोस्टर बावरा ने बनाए थे। फिल्म के पोस्टरों में उनकी चित्रकारी की गहराई से दिलीप कुमार प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाए थे, उन्होंने बावरा से मिलने की इच्छा जताई थी। मगर, उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। चित्रकार बावरा खुद दिलीप साहब के बड़े फैन थे, वो उनकी फिल्मों को देख कर उनके निभाए किरदारों में जीते थे, खुद के ऐसे ही फोटो भी खिंचवाते थे। हाजी जकरिया और रईस अहमद कहते हैं कि दिलीप साहब के निधन पर एक युग का अंत हो गया।
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दिलीप कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
शाहरुख खान ने 6.48 लाख में खरीदे थे दो पोस्टर
हिंदी फिल्मों में मील का पत्थर बन चुकी फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ के चित्रकार बावरा द्वारा बनाए गए दो पोस्टरों को किंग खान शाहरुख खान ने 6.48 रुपये में खरीदा था। सात साल पहले मुंबई के ओसियन में इन पोस्टरों की नीलामी की गई थी।
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प्रदेश के पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ मेराजुद्दीन अहमद और मेरठ के ही कई लोग दिलीप कुमार के साथ।
- फोटो : amar ujala
41 साल पहले शामली आए थे अभिनेता दिलीप कुमार
अभिनेता दिलीप कुमार 41 साल पहले शामली के आर इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय दंगल में आए थे। जहां उन्होंने विजेता पहलवानों को पुरस्कार बांटे थे। हरियाणा-पंजाब और हिमाचल के पूर्व राज्यपाल वीरेंद्र वर्मा करनाल रोड स्थित राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज में हर साल राष्ट्रीय स्तर का तीन दिवसीय दंगल आयोजित कराते थे। पूर्व राज्यपाल दंगल का खुद संचालन करते थे।
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दिलीप कुमार के साथ अन्य लोग।
- फोटो : amar ujala
इसके लिए पश्चिमी यूपी के शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, सहारनपुर आदि जिलों के सेंकड़ों लोग प्रतिदिन आते थे। शामली के दंगल में मास्टर चंदगीराम, भारत केसरी सतपाल समेत दूसरे प्रांतों के विश्वविख्यात पहलवान शिष्य को लेकर शामली आते थे।
सुबह के समय वीरेंद्र वर्मा के आवास पर पहलवानों का कुश्ती के लिए चयन होता था। दोपहर एक बजे से लेकर शाम पांच बजे तक दंगल में कुश्तियां होती थीं। वर्ष 1980 के दशक में शामली के राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय दंगल के अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेता दिलीप कुमार आए थे। विजेता पहलवानों को उन्होंने पुरस्कार वितरित किए थे। पूर्व राज्यपाल के पुत्र डॉ. सतेंद्र वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज के दंगल में फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के शामली आने की जानकारी है। अन्य कोई जानकारी उन्हें याद नहीं आ रही है।