जानसठ के भलवा गांव में अनुसूचित जाति के भूषण के घर शादी की खुशियों का रंग चढ़ रहा था। आठ फरवरी को बेटी प्रगति की मेरठ के सरधना से आने वाली बरात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन बृहस्पतिवार शाम ढलते-ढलते आंसू, गम और अफसोस रह गया।
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मौके पर जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
घर के सामने ही रहने वाले रोहित ने कमरे में 10 मिनट प्रगति से बात की। घर पर मौजूद महिलाओं का ध्यान चीख-पुकार शुरू होने पर गया। इसके बाद परिजनों ने कमरे की तरफ दौड़ लगाई। दरवाजा खुला तो मंजर खौफनाक था। फर्श पर प्रगति पड़ी हुई थी और रोहित खुद पर चाकू से वार कर रहा था। कुछ ही देर बाद वह भी दरवाजे के सामने गिर गया।
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रोहित और प्रगति उर्फ डोली की फाइल फोटो।
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दोनों परिवारों के बीच गहरा नाता रहा। रोहित और प्रगति के बीच चार साल पहले मुहब्बत शुरू हुई। दोनों गुरुग्राम भी रहे और तय किया कि वह किसी और से शादी नहीं करेंगे। बृहस्पतिवार शाम घर पर प्रगति, उसकी बहन स्वाति और भाभी रितु मौजूद थीं। मौका पाकर रोहित पहुंचा और इशारे से प्रगति को उसके घर के कमरे में ही बुला लिया। घर में मौजूद अन्य लोगों को भनक तक नहीं लगी। करीब दस मिनट बाद प्रगति के चीखने की आवाज आई तो स्वाति और रितु कमरे की तरफ दौड़ीं। दरवाजा बंद पाकर उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया।
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रोहित और प्रगति की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
कमरे से प्रगति की आवाज आनी बंद हो गई। इसके बाद दरवाजा खुला तो मंजर बेहद खौफनाक था। प्रगति की लाश पड़ी थी और रोहित गंभीर घायल था। महिलाओं की हिम्मत कमरे में घुसने की नहीं हुई। शोर-शराबा सुनकर आस-पास के लोग भी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
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भलवा गांव का हत्याकांड।
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दरवाजा खोलकर भी चाकू से करता रहा वार
प्रगति की मौत के बाद रोहित ने खुद ही दरवाजा खोला। वह गंभीर घायल था। पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि वह इसके बाद भी खुद पर वार करता रहा। देखते ही देखते वह कमरे के दरवाजे पर ही गिर गया। उसका आधा शरीर कमरे के अंदर, तो आधा कमरे के बाहर पड़ा था।