खतौली उपचुनाव में भाजपा के रणनीतिकारों का गणित गठबंधन के नए समीकरण ने ध्वस्त कर दिया है। भाजपा की करारी हार से 2024 की तैयारी को झटका लगा है। बसपा के चुनावी रण में नहीं होने और आजाद समाज पार्टी के समर्थन का फायदा गठबंधन को मिला। दलितों ने कमल से बेरुखी दिखाई और गठबंधन प्रत्याशी को वोट दिए। मुस्लिम, गुर्जर, जाट और दलित मतों के मजबूत समीकरण ने भाजपा से सीट छीन ली।
Khatauli By Election Result: खतौली में दलितों की बेरुखी से मुरझाया कमल, पढ़िए- ये खास रिपोर्ट
गाजियाबाद की लोनी सीट से चार चुनाव हार चुके खेकड़ा के पूर्व विधायक मदन भैया की उप चुनाव से किस्मत खुल गई। उन्हें खतौली से चुनाव लड़ाने का निर्णय सटीक साबित हुआ। वह गुर्जर वोटों को अपने पक्ष में लामबंद करने में सफल रहे। भाजपा ने तमाम गुर्जर विधायकों, मंत्री और पूर्व मंत्री प्रचार में लाकर सेंध लगाने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। पिछले चुनाव में गुर्जर बाहुल्य गांवों में मतदाताओं की पहली पसंद भाजपा थी, लेकिन इस बार हवा का रुख बदल गया।
रालोद अध्यक्ष एवं सांसद जयंत सिंह की मेहनत ने भी रंग दिखाया। उनके नेतृत्व में लड़े गए चुनाव की हर योजना भाजपा पर भारी पड़ी। जाट बाहुल्य गांव में गठबंधन उम्मीदवार को खूब वोट मिले। नोएडा के श्रीकांत त्यागी प्रकरण का असर भी नतीजों पर झलका। त्यागी वोटों में बिखराव हो गया। नावला और खेड़ी तगान में भाजपा का वोट कम हुआ। राजपूत आबादी के गांवों में उपचुनाव को लेकर उत्साह नहीं दिखा, जिसका खामियाजा भाजपा प्रत्याशी राजकुमारी सैनी को उठाना पड़ा।
मुस्लिमों ने भी गठबंधन को दी मजबूती
उपचुनाव में भले ही वोट प्रतिशत कम रहा हो, लेकिन मुस्लिमों ने गठबंधन के पक्ष में पूरी ताकत लगाई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और पूर्व मंत्री आजम खान मैनपुरी और रामपुर के उपचुनाव में व्यस्त रहे, बावजूद इसके मुस्लिमों ने रालोद, सपा, आसपा गठबंधन को जी जान से वोट किया। पूर्व सांसद मुनव्वर हसन की बेटी इकरा हसन का मुस्लिमों के बीच गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए आईं। भाजपा के पूर्व मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत अन्य मुस्लिम नेता खतौली पहुंचे, लेकिन भाजपा सेंध नहीं लगा पाई।
गठबंधन का बढ़ा कुनबा, अब जिले में पांच विधायक
गठबंधन ने अपनी जीत का सफर जारी रखा है। जिले में मुख्य चुनाव में रालोद और सपा ने चरथावल, बुढ़ाना, पुरकाजी और मीरापुर सीटें जीत ली थीं। खतौली के उपचुनाव में भी गठबंधन की जीत हुई है। ऐसे में अब भाजपा के हिस्से में सदर सीट ही रह गई है, यहां से विधायक कपिल देव अग्रवाल सरकार में कौशल विकास मंत्री हैं।