यूपी के मुजफ्फनगर स्थित गांव रसूलपुर कैलोरा में हिमांशी की हत्या के आरोपी मामा भारतवीर और ममेरे भाई मुकुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मामा का परिवार शादी के खिलाफ था। विनीत की यह दूसरी शादी थी, पहली पत्नी से उसका तलाक हो गया था। वसुंधरा के लिए जाने से पहले हिमांशी ने गहने और रुपये मांगे। झगड़ा बढ़ने पर आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी
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हत्यारों को सजा दिला पाना होगा बड़ी चुनौती
घटनाक्रम को लेकर पुलिस कड़ी दर कड़ी जोड़ने में लगी है, ताकि कोर्ट ने सबूतों के साथ अपना पक्ष रख सके और हिमांशी के कातिलों को सजा दिला सके। लेकिन इन सबके बीच एक अजीब सी चीज सामने आई है। घटना को लेकर गांव के लोग चुप हैं। कोई भी गवाही देने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए पुलिस ने अब आरोपियों को सजा दिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सबूत एकत्र कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ सबूतों का प्रयोगशाला में परीक्षण भी कराया जाएगा। आरोपियों के फिंगर प्रिंट भी लिए हैं।
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Himanshi murder
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हत्या वाले दिन क्या हुआ था?
हिमांशी की हत्या उसके ममेरे भाई मुकुल ने अपने भाई अंकुश व पिता पूर्व प्रधान भारतवीर के ललकारने पर गोली मारकर की थी। भाई व पिता के कहने पर मुकुल अलमारी में रखा तमंचा निकाल कर लाया था। उसने शादी के लिए घर से जा रही हिमांशी के पेट में गोली मारी। वह नीचे गिरी तो दूसरी गोली उसकी पीठ में मारी गई। पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे को पकड़ा है। अंकुश अभी फरार है।
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Himanshi murder
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मामा भारतवीर रह चुका है पूर्व प्रधान
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने खुलासा कर बताया कि आठ नवंबर को हिमांशी घर से स्कूटी पर जाने के लिए तैयार हो गई थी। उसके मामा भारतवीर व उसके दोनों बेटों अंकुश व मुकुल ने उसे रोका, लेकिन वह नहीं मानी। तब भारतवीर व अंकुश ने मुकुल को तमंचा लाने के लिए कहा। भारतवीर पूर्व प्रधान है। उसके राजनीतिक संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है। अंकुश की तलाश की जा रही है।
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Himanshi murder
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हत्यारे घबराए नहीं, सबूत मिटाने का किया प्रयास
एसपी सिटी ने बताया कि हिमांशी की हत्या करने के बाद आरोपी घबराए नहीं, बल्कि उन्होंने खून से सने आंगन को साफ किया। महिलाओं ने भी घर में कोई घटना होने से इनकार कर दिया था। शव को कार में रखकर आरोपी ले जाने लगे थे। ग्रामीणों के देख लेने पर तीनों आरोपी कार को घर के पीछे से जाने वाले जंगल में दो सौ मीटर दूर चंद्रपाल की ट्यूबवेल के पास छोड़कर भाग गए थे।