मुजफ्फरनगर के खतौली के गांव रसूलपुर कैलोरा में हुई हिमांशी की हत्या में नया खुलासा हुआ है। हिमांशी के ममेरे भाई मुकुल ने अपने भाई अकुंश और पिता पूर्व प्रधान भारतवीर के ललकारने पर गोली मारकर हत्या की थी।
भाई और पिता के कहने पर मुकुल अलमारी में रखा तमंचा निकाल कर लाया था। उसने शादी के लिए घर से जा रही हिमांशी के पेट में गोली मारी। वह नीचे गिरी तो दूसरी गोली उसकी पीठ में मारी गई। पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक आरोपी अंकुश अभी फरार है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मामा भरतवीर और उसका बेटा मुकुल
- फोटो : अमर उजाला
भारतवीर और अंकुश ने ललकारा, मुकुल ने मारी गोली
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में हत्यारोपी भारतवीर व उसके बेटे मुकुल की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने घटना का खुलासा कर बताया कि आठ नवंबर को हिमांशी घर से स्कूटी पर जाने के लिए तैयार हो गई थी। उसके मामा भारतवीर और उसके दोनों बेटों अंकुश एवं मुकुल ने उसे रोका, लेकिन वह नहीं मानी। तब भारतवीर और अंकुश ने ललकारते हुए मुकुल को तमंचा लाने के लिए कहा।
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हिमांशी हत्याकांड
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हिमांशी की शादी तलाकशुदा विनीत से नहीं होना देना चाहते थे आरोपी
इसके बाद मुकुल ने घर में अलमारी में रखा तमंचा लाकर हिमांशी के पेट में गोली मार दी। वह गिर गई तो मुकुल ने तमंचा लोड कर दूसरी गोली हिमांशी की पीठ में मार दी। दो गोली लगने से उसकी मौत हो गई। गिरफ्तार भारतवीर पूर्व प्रधान है। उसके राजनैतिक संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है। अंकुश की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारतवीर और उसके बेटे अंकुश एवं मुकुल हिमांशी की शादी तलाकशुदा विनीत से नहीं होना देना चाहते थे। इसलिए शादी का विरोध कर रहे थे। दूसरे ओर हिमांशी उनसे अपने रुपये भी मांगती थी। इसी के चलते हत्या की गई।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी
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घर के आंगन से खून कर दिया था साफ
एसपी सिटी ने बताया कि हिमांशी की हत्या करने के बाद आरोपी घबराए नहीं, बल्कि उन्होंने खून से सने आंगन को साफ किया। महिलाओं ने भी घर में कोई घटना होने से इनकार कर दिया था। शव को कार में रख कर आरोपी ले जाने लगे थे। ग्रामीणों के देख लेने पर तीनों आरोपी कार को घर के पीछे से जाने वाले जंगल में दो सौ मीटर दूर चंद्रपाल की ट्यूबवेल के पास छोड़ कर भाग गए थे।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी
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नहीं दी किसी ने गवाही
घटना को लेकर गांव के लोग चुप हैं। घटना के बारे में भी एक ग्रामीण ने सूचना देकर कहा था कि गांव में कोई घटना हुई है। किसी ने भी घटना के बारे में गवाही नहीं दी। जिस कारण सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। कुछ सबूतों का प्रयोगशाला में परीक्षण भी कराया जाएगा। आरोपियों के फिंगर प्रिंट भी लिए हैं।