{"_id":"5fa10e5387700e539703abd1","slug":"up-by-elections-2020-naugawan-sadat-villagers-boycott-voting-no-vote-casted","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी उपचुनाव: गुस्साए ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार, डीएम और कांग्रेस नेता के समझाने पर भी नहीं कर रहे वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी उपचुनाव: गुस्साए ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार, डीएम और कांग्रेस नेता के समझाने पर भी नहीं कर रहे वोट
Tue, 03 Nov 2020 01:43 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 03 Nov 2020 01:43 PM IST
विज्ञापन
ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव हो रहे हैं। इस दौरान नौगवां सादात विधानसभा के सब्दलपुर शुमाली में ग्रामवासियों ने मतदान का पूर्ण बहिष्कार किर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में भाजपा सरकार की तरफ से कोई विकास नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसान को खत्म करना चाहती है।
खाली पड़े मतदान केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए उत्तरप्रदेश कांग्रेस प्रदेश सचिव सचिन चौधरी वहां पहुंचे। वह लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही डीएम अमरोहा भी मतदान शुरू कराने का प्रयास कर रहे हैं, मगर ग्रामवासी वोट न करने का फैसला सुना चुके हैं।
गुस्साए ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान वहां पहुंचे सचिन चौधरी ने कहा कि आज ग्रामवासी त्रस्त हैं। भाजपा का विकास हुआ होगा कभी, लेकिन वो आज मर गया है और भाजपा के विकास के मरने की शोक में ही मतदान का बहिष्कार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
समझाने पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि उन्होंने इस दौरान ग्रामीणों से अपील की कि आप वोट करके भाजपा सरकार को सबक सिखाएं। उन्होंने ग्रामीणों को कई तरह के आश्वास्न दिए लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
गुस्साए ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं ने पहली बार इस तरह का विरोध करने का फैसला लिया है। नेताओं और प्रशासन के समझाने बुझाने के बावजूद वे अपने मतदान बहिष्कार पर अडिग हैं।