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संभल हिंसा: 'गोली चलाओ-गोली चलाओ...' वाले वीडियो पर कमिश्नर की सफाई, बोले- सिर्फ डराने के लिए कहा था
Wed, 27 Nov 2024 03:00 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 Nov 2024 03:00 PM IST
सार
Sambhal Violence: मुरादाबाद में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि सांसद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद जामा मस्जिद के सदर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने भीड़ के हंगामा करने पर सहयोग नहीं किया था। इस दौरान उन्होंने एक वीडियो पर भी सफाई दी।
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Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा है कि जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट द्वारा पुलिस-प्रशासन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। अगर उनके पास सुबूत हैं तो पेश करें। सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वह बयानबाजी कर रहे हैं।
पुलिस द्वारा गोली चलाने के आरोप गलत
भीड़ के हंगामा करने पर पहले उनसे सहयोग के लिए कहा गया था, लेकिन वह चुप रहे। सांसद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब वह तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं। उधर, कमिश्नर ने कहा कि पुलिस द्वारा गोली चलाने के आरोप गलत हैं। अगर किसी ने पुलिस के फोटो खींचे हैं तो वह पेश करे।
पत्थरबाजों के समर्थकों को भी फोटो खींचने चाहिए थे। बता दें कि जामा मस्जिद के सदर ने सोमवार को आरोप लगाया था कि रविवार को किया गया सर्वे डीएम के आदेश पर जबरन किया गया। साथ ही उन्होंने पुलिस पर गोली चलाने के आरोप भी लगाए थे।
भीड़ के हंगामा करने पर पहले उनसे सहयोग के लिए कहा गया था, लेकिन वह चुप रहे। सांसद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब वह तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं। उधर, कमिश्नर ने कहा कि पुलिस द्वारा गोली चलाने के आरोप गलत हैं। अगर किसी ने पुलिस के फोटो खींचे हैं तो वह पेश करे।
पत्थरबाजों के समर्थकों को भी फोटो खींचने चाहिए थे। बता दें कि जामा मस्जिद के सदर ने सोमवार को आरोप लगाया था कि रविवार को किया गया सर्वे डीएम के आदेश पर जबरन किया गया। साथ ही उन्होंने पुलिस पर गोली चलाने के आरोप भी लगाए थे।
कमिश्नर आंजनेय कुमार ने वीडियो पर दी सफाई
दरअसल, मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, वीडियो में उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस फायरिंग करती दिख रही थी। वीडियो में पुलिस अफसर अपने साथियों से कह रहे थे कि 'गोली चलाओ-गोली चलाओ...' मुरादाबाद रेंज के कमिश्नर आंजनेय कुमार ने एक टीवी चैनल पर इस वीडियो पर भी सफाई दी है। कमिश्नर ने कहा कि भीड़ को डराने के लिए ऐसा कहा गया था, उन्हें गोली मारने के लिए नहीं कहा था।
ये था वो वीडियो
दरअसल, मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, वीडियो में उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस फायरिंग करती दिख रही थी। वीडियो में पुलिस अफसर अपने साथियों से कह रहे थे कि 'गोली चलाओ-गोली चलाओ...' मुरादाबाद रेंज के कमिश्नर आंजनेय कुमार ने एक टीवी चैनल पर इस वीडियो पर भी सफाई दी है। कमिश्नर ने कहा कि भीड़ को डराने के लिए ऐसा कहा गया था, उन्हें गोली मारने के लिए नहीं कहा था।
ये था वो वीडियो
— Imran Pratapgarhi (@ShayarImran) November 24, 2024
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सांसद ने जांच में डाला था व्यवधान
कमिश्नर ने कहा कि सर्वे टीम ने बताया था कि 19 नवंबर की रात में जब सर्वे करने पहुंचे तो सांसद जियाउर्रहमान बर्क और अन्य जनप्रतिनिधियों ने जांच में व्यवधान डालने की कोशिश की। इसी कारण चुनाव के बाद सर्वे की तारीख देनी पड़ी। जब सर्वे करने दोबारा टीम पहुंची तो बवाल शुरू हो गया। इसी कारण पुलिस ने सांसद पर केस दर्ज किया है।
कमिश्नर ने कहा कि सर्वे टीम ने बताया था कि 19 नवंबर की रात में जब सर्वे करने पहुंचे तो सांसद जियाउर्रहमान बर्क और अन्य जनप्रतिनिधियों ने जांच में व्यवधान डालने की कोशिश की। इसी कारण चुनाव के बाद सर्वे की तारीख देनी पड़ी। जब सर्वे करने दोबारा टीम पहुंची तो बवाल शुरू हो गया। इसी कारण पुलिस ने सांसद पर केस दर्ज किया है।
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वायरल वीडियो परिसर के बाहर का है
कमिश्नर ने कहा कि जयश्री राम के नारे वाले वायरल वीडियो की जांच कराई गई है। यह वीडियो जामा मस्जिद परिसर के बाहर का है। यह नारा बाहर लगाया गया। इस वीडियो को जारी कर लोगों ने उपद्रव को दंगा साबित करने की कोशिश की, लेकिन साक्ष्यों के सामने आने पर उनकी रणनीति ध्वस्त हो गई। उन्होंने कहा कि सर्वे सुबह के समय हो रहा था। उस समय बाजार बंद था। इसलिए लोगों द्वारा यह कहा जाना कि उनके परिजन सब्जी खरीदने और अन्य सामान लेने गए थे, इस बात में कोई दम नहीं है। पुलिस इसकी जांच भी कर रही है।
कमिश्नर ने कहा कि जयश्री राम के नारे वाले वायरल वीडियो की जांच कराई गई है। यह वीडियो जामा मस्जिद परिसर के बाहर का है। यह नारा बाहर लगाया गया। इस वीडियो को जारी कर लोगों ने उपद्रव को दंगा साबित करने की कोशिश की, लेकिन साक्ष्यों के सामने आने पर उनकी रणनीति ध्वस्त हो गई। उन्होंने कहा कि सर्वे सुबह के समय हो रहा था। उस समय बाजार बंद था। इसलिए लोगों द्वारा यह कहा जाना कि उनके परिजन सब्जी खरीदने और अन्य सामान लेने गए थे, इस बात में कोई दम नहीं है। पुलिस इसकी जांच भी कर रही है।