काजल और अरमान एक दूजे से अलग होने को तैयार नहीं थे। लाख पाबंदियां और सख्ती के बावजूद भी दोनों ने मिलना जुलना बंद नहीं किया। कई बार गांव में पंचायत हुई। अरमान को पुलिस कार्रवाई का डर भी दिखाया लेकिन वो नहीं माना। उसके पिता और भाइयों ने उसे दुबई भेज दिया था लेकिन वहां भी वह नहीं रुका और वापस आ गया। गांव की गली मोहल्लों में लोगों के बीच इनकी प्रेम कहानी की चर्चा आम हो गई थी।
'अरमान के कहने पर काजल हमें जहर दे देती': भाइयों ने दोनों को मार डाला, गांव में तनाव बरकार, पुलिस-PAC तैनात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: विकास कुमार
Updated Fri, 23 Jan 2026 07:39 PM IST
सार
तीनों भाइयों ने अरमान और काजल की रात में हत्या की थी। इसके बाद रविवार देर रात करीब दो बजे दोनों के शव घर से बाहर निकाले। हत्यारोपी सतीश ने पुलिस को बताया कि उस वक्त भीषण ठंड के कारण पूरे गांव में सन्नाटा था। गांव में सभी घरों के दरवाजे बंद थे। घना कोहरा होने के कारण उन्हें कोई नहीं दिखा और शवों को गागन नदी किनारे ले जाकर दबा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन